शामली में बिजली के पोल पर काम करते समय हादसे में घायल लाइनमैन को राहत देते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने थैंक्स पावर प्राइवेट लिमिटेड, आगरा को इलाज खर्च, ब्याज और क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी पर अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। इसके अलावा इलाज खर्च के 82,407 रुपए और 10 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। यह कुल रकम मिलाकर 1,02,407 रुपए होती है। इसके अतिरिक्त नियमानुसार ब्याज भी देना होगा। शहर के मोहल्ला रेलपार शिव विहार के रहने वाले रवि कुमार ने कंपनी के डायरेक्टर के खिलाफ 5 जून 2024 को आयोग में परिवाद दायर किया था। परिवादी के अनुसार, कंपनी ने उसे शामली जिले में बिजली विभाग के लिए लाइनमैन के काम पर नियुक्त किया था। उसे आश्वासन दिया गया था कि दुर्घटना होने पर कंपनी की ओर से इलाज और बीमा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पोल पर काम करते समय हुआ था हादसा परिवाद में बताया गया कि 31 अगस्त 2021 को शामली के बड़ा बाजार में बिजली के पोल पर लाइन जोड़ते समय सीढ़ी गिरने और पोल से संबंधित हादसे में रवि कुमार के पैर और छाती में गंभीर चोटें आई थीं। इलाज और दवाओं पर होने वाला खर्च उसे खुद उठाना पड़ा था। आरोप है कि उसने कंपनी से कई बार बीमा कवर, अनुबंध की प्रति और आर्थिक सहायता मांगी, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। छह प्रतिशत ब्याज भी देना होगा मामले की सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने परिवाद स्वीकार कर कंपनी को इलाज खर्च के रूप में 82,407 रुपए देने का आदेश दिया। आयोग ने दुर्घटना में हुई शारीरिक क्षति के लिए संबंधित बीमा पॉलिसी के तहत देय राशि पर दुर्घटना की तारीख से अंतिम भुगतान तक 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देने का भी निर्देश दिया। इसके अलावा सेवा में कमी और लापरवाही से हुई आर्थिक, मानसिक व शारीरिक क्षति के लिए 10 हजार रुपए क्षतिपूर्ति देने और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 10 हजार रुपए का अर्थदंड जमा करने का आदेश दिया गया है।

