इंदौर में कन्या भोज के लिए गईं सात बच्चियों के साथ मारपीट और उन्हें फ्लैट में बंधक रखने के आरोपों के बाद दैनिक भास्कर की टीम शहनाई रेसीडेंसी पहुंची। यहां फ्लैट नंबर 303 में रहने वाली 62 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षिका अनिता मोहता ने बच्चियों के परिजनों के आरोपों को नकारते हुए अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि बच्चियां खुद उनके फ्लैट पर आई थीं। उन्होंने मंदिर में रखे रुपए गायब होने पर बच्चियों से पूछताछ की थी, लेकिन मारपीट नहीं की और खुद उन्हें नीचे छोड़ने गई थीं। दूसरी ओर, बच्चियों के परिजनों का आरोप है कि कन्या भोज, गिफ्ट और चॉकलेट देने के बहाने बच्चियों को फ्लैट में ले जाया गया। वहां उनके साथ मारपीट की गई और करीब चार घंटे तक उन्हें बाहर नहीं आने दिया गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि बच्चियों से जबरदस्ती वीडियो बनवाकर कहलवाया गया कि उन्होंने पैसे उठाए थे। मामले में परिजन एमआईजी थाने पहुंचे। पुलिस ने बच्चियों के बयान दर्ज किए हैं और रिटायर्ड शिक्षिका के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोपहर 12 बजे रेसीडेंसी पहुंची थीं बच्चियां रेसीडेंसी के रहवासियों और सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक, बच्चियां दोपहर करीब 12 बजे सोसायटी में आई थीं। वे अलग-अलग फ्लैटों में कन्या पूजन के लिए गई थीं, जहां उन्हें रुपए और गिफ्ट दिए गए। रहवासियों का कहना है कि बच्चियां हर साल यहां कन्या पूजन के लिए आती हैं। उनके परिवार के कुछ सदस्य सोसायटी में काम करने भी आते हैं। शिक्षिका का पक्ष: बच्चियों ने खुद पैसे लेने की बात मानी रिटायर्ड शिक्षिका अनिता मोहता ने बताया कि बच्चियां उनके बुलाने पर नहीं, बल्कि खुद उनके फ्लैट पर आई थीं। उनके मुताबिक, बच्चियों ने प्रसाद और खाना मांगा तो उन्होंने उन्हें अंदर बैठाया और दाल-चावल बनाने लगीं। अनिता का कहना है कि इसी दौरान बच्चियों ने बताया कि वे फ्लैट नंबर 703 से आ रही हैं, जहां उन्हें बुलाया गया है। इसके बाद उन्होंने मंदिर में रखे रुपए और लिफाफे गायब देखे। उनके मुताबिक, बच्चियां करीब पौने चार बजे वापस आईं तो उन्होंने पैसे के बारे में पूछा। इस पर बच्चियों ने एक बच्ची की ओर इशारा किया। पूछने पर उस बच्ची ने पैसे लेने की बात कही और किसी को नहीं बताने के लिए कहा। शिक्षिका ने मारपीट और बंधक बनाने के आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि बच्चियां उनके यहां चार घंटे तक नहीं रुकीं और वे खुद उन्हें नीचे छोड़ने गई थीं। उन्होंने बताया कि वह हर एकादशी पर खाटू श्याम जाती हैं और यात्रा की टिकट भी कराई थी, लेकिन बाद में रद्द कर दी। परिजनों का आरोप: बच्चियां घर नहीं लौटीं तो तलाशने पहुंचे बच्चियों के परिजनों के मुताबिक, बच्चियां कन्या भोज के लिए निकली थीं। शिक्षिका ने उन्हें भोजन, गिफ्ट और चॉकलेट देने की बात कही थी। जब बच्चियां काफी देर तक घर नहीं लौटीं तो परिवार के लोग उन्हें तलाशते हुए शहनाई रेसीडेंसी पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि बच्चियां एक फ्लैट में बंद थीं और वहां से रोते हुए नीचे आईं। उन्होंने बच्चियों के साथ मारपीट करने और जबरदस्ती वीडियो बनवाकर उनसे पैसे उठाने की बात कहलवाने का आरोप भी लगाया। परिजनों का कहना है कि यदि शिक्षिका को बच्चियों पर पैसे लेने का शक था, तो उन्हें परिवार से संपर्क करना चाहिए था। बच्चियां अब भी डरी हुई, परिजनों ने कार्रवाई की मांग की परिजनों के मुताबिक, बच्चियां घटना के बाद से डरी हुई हैं और रातभर सो नहीं पाईं। परिवार ने शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चियों से पूछताछ करने का तरीका गलत था और उन्हें परिजनों को सूचना देनी चाहिए थी। मेडिकल परीक्षण में चोट की पुष्टि नहीं परिजनों ने बच्चियों के हाथ-पैरों पर चोट और गालों पर थप्पड़ मारने के आरोप लगाए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बच्चियों का देर रात करीब तीन बजे तक मेडिकल परीक्षण कराया गया, लेकिन रिपोर्ट में मारपीट से लगी किसी चोट की पुष्टि नहीं हुई। मेडिकल रिपोर्ट और बच्चियों के बयान जांच का हिस्सा हैं। चार महीने पहले बेटे के साथ रहने आई थीं शिक्षिका भास्कर की टीम ने सोसायटी के सुरक्षाकर्मियों और अन्य रहवासियों से भी बातचीत की। स्थानीय लोगों ने बताया कि अनिता मोहता करीब चार महीने पहले अपने बेटे के साथ फ्लैट नंबर 303 में रहने आई थीं। रहवासियों के मुताबिक, वह भजन गाती हैं और मंदिर भी जाती हैं। सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि वह ज्यादा बातचीत नहीं करतीं और मंदिर से लौटने पर प्रसाद देती हैं। हालांकि, रहवासियों की ये प्रतिक्रियाएं घटना के आरोपों की पुष्टि या खंडन नहीं करतीं। फ्लैट और संबंधित फ्लोर पर CCTV को लेकर भी सवाल मामले में सीसीटीवी फुटेज की उपलब्धता भी जांच का अहम बिंदु है। जानकारी के मुताबिक, संबंधित फ्लैट और उसी फ्लोर पर कैमरे नहीं लगे हैं, जबकि बच्चियों के परिजनों का कहना है कि वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। ऐसे में पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि सोसायटी में कैमरे कहां-कहां लगे हैं और घटना से संबंधित कोई फुटेज उपलब्ध है या नहीं। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में कन्या भोज में बुलाकर 7 बच्चियों से मारपीट इंदौर में कन्या भोज के लिए गईं 7 बच्चियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि शहनाई रेसिडेंसी के फ्लैट में रहने वाली सरकारी स्कूल की रिटायर्ड टीचर अनिता मोहता ने बच्चियों पर चोरी का आरोप लगाकर उन्हें पीटा। उनके कपड़े उतरवाने और करीब 4 घंटे तक कमरे में बंद रखने का भी आरोप है।पूरी खबर पढ़ें

