प्रयागराज में लिफ्ट देने के बहाने अमेठी लौट रहे एक शख्स को स्कॉर्पियो में बैठाकर लूटपाट की गई। सफेद स्कॉर्पियो सवार तीन लोगों ने उनका बटुआ छीन लिया, जिसमें करीब 10 हजार रुपये नकद और कई जरूरी दस्तावेज थे। पीड़ित का कहना है कि घटना की सूचना तत्काल शांतिपुरम चौकी पर देने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई ।
दोपहर करीब एक बजे हुई वारदात
57 वर्षीय शंभूशरण सिंह ने बताया कि वह अमेठी जिले के राजापुर गांव के रहने वाले हैं। 21 अक्टूबर को वह प्रयागराज के तेलियरगंज क्षेत्र में एक बीमार रिश्तेदार को देखने अस्पताल आए थे। अस्पताल से लौटने के बाद वह रायबरेली जाने के लिए निकले। दोपहर करीब एक बजे शांतिपुरम चौकी के पास वह वाहन का इंतजार कर रहे थे, तभी एक सफेद स्कॉर्पियो उनके पास आकर रुकी।
रायबरेली छोड़ने का झांसा देकर गाड़ी में बैठाया
पीड़ित के अनुसार, स्कॉर्पियो चालक ने उनसे पूछा कि कहां जाना है। रायबरेली जाने की बात बताने पर उसने कहा कि वह भी उसी दिशा में जा रहा है और उन्हें आगे की सीट पर बैठा लिया। कुछ दूरी चलने के बाद दो अन्य युवक भी गाड़ी में आ गए और आगे बैठने लगे। विरोध करने पर तीनों ने कथित तौर पर उनका बटुआ छीन लिया और उन्हें जबरन गाड़ी से नीचे उतारकर फरार हो गए।
नकदी के साथ जरूरी दस्तावेज भी ले गए
शंभूशरण सिंह का कहना है कि बटुए में करीब 10 हजार रुपये नकद, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, उनकी माता का आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज रखे थे। घटना के बाद वह काफी देर तक मदद के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
चौकी पर दी सूचना तो कहा बाद में आओ
पीड़ित का कहना है कि घटना के तुरंत बाद वह शांतिपुरम चौकी पहुंचे और पूरी जानकारी पुलिस को दी। उनका आरोप है कि पुलिस ने शिकायत डायरी में दर्ज कर उन्हें बाद में आने के लिए कहा, लेकिन अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की। परिवार ने पुलिस से जल्द एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

