बैतूल जिले में अलग-अलग सड़क हादसों में 2 लोगों की मौत हो गई। पहले हादसे में बैतूल नगर पालिका में दैनिक वेतन पर सफाईकर्मी के रूप में काम करने वाले 28 वर्षीय जितेंद्र वरकड़े की जान चली गई। वहीं, परतापुर के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल WCL कर्मचारी फुलचंद पटवारी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जितेंद्र पिता लक्ष्मण वरकड़े रात में बैतूल से चिखलार स्थित अपने घर जा रहा था। मंदिर के पास किसी अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद जितेंद्र सड़क पर पड़ा रहा। उसकी बाइक भी मौके पर मिली। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन देखकर लौट रहे ग्रामीणों ने उसे सड़क पर पड़ा देखा। इसके बाद वे उसे बाइक से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जितेंद्र को मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जितेंद्र के माता-पिता नहीं हैं। वह अपने बड़े पिता के पास रहता था। स्कूटी को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर दूसरे हादसे में WCL छिंदवाड़ा में पदस्थ फुलचंद पटवारी की मौत हो गई। 9 अक्टूबर को वह स्कूटी से अंधारिया में आयोजित 13वीं के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था। परतापुर के पास यात्री प्रतीक्षालय के नजदीक किसी अज्ञात वाहन ने उसकी स्कूटी को टक्कर मार दी। जिससे वह घायल हो गया। NHAI की एंबुलेंस से उसे बैतूल लाया गया। इसके बाद परिजन बेहतर इलाज के लिए उसे नागपुर ले गए। वहां दो-तीन दिन भर्ती रहने के बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। फुलचंद के परिवार में एक बेटा है। दोनों मामलों में टक्कर मारने वाले वाहनों की पहचान और हादसों की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

