फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कैंट क्षेत्र के रमन स्टेडियम में बुधवार शाम दशहरा उत्सव के दौरान रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। शाम करीब 7:30 बजे राम-रावण युद्ध लीला के बाद तीनों पुतले जलाए गए। इस दौरान 1 लाख 8 हजार रुपये की आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। 45 फीट का रावण, 40-40 फीट के मेघनाद और कुंभकर्ण आयोजन के लिए रावण का 45 फीट, जबकि मेघनाद और कुंभकर्ण का 40-40 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया गया था। इसके साथ ही लंका के आठ किले और एक विशेष संरचना भी बनाई गई थी। राम-रावण युद्ध लीला एलआईसी तिराहे से शुरू हुई और कोतवाली होते हुए रमन स्टेडियम पहुंची। रमन स्टेडियम परिसर में दशहरा मेले का आयोजन किया गया। यहां विभिन्न दुकानों के साथ खाने-पीने के स्टॉल भी लगाए गए थे। लोगों ने पुतला दहन देखने के साथ मेले का भी आनंद लिया। सेना के अधिकारियों के निर्देशन में हुईं तैयारियां कार्यक्रम की तैयारियां सैन्य मुख्यालय के मुख्य कमांडेंट मनीष जैन और डिप्टी डीके चतुर्वेदी के निर्देशन में की गई थीं। आयोजन में सेना के जवान भी मौजूद रहे। सीजेएम, सीडीओ समेत कई अधिकारी और गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रविश द्विवेदी, महामंत्री पंकज अग्रवाल, संरक्षक मुन्नालाल वार्ष्णेय, कोषाध्यक्ष चमन टंडन, उपाध्यक्ष श्रवण कुमार चक, मंत्री पंकज प्रकाश, रवींद्र वैश्य और धीरज दुबे समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

