दिल्ली-NCR में AQI 240 के पार; GRAP-1 लागू:होटलों में तंदूर और जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक; दिल्ली में खराब हवा से हर साल 12,000 मौतें

दिल्ली-NCR में AQI 240 के पार; GRAP-1 लागू:होटलों में तंदूर और जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक; दिल्ली में खराब हवा से हर साल 12,000 मौतें

दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता खराब होने के बाद बुधवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण की पाबंदियां लागू कर दी गईं। इसके तहत रेस्टोरेंट के तंदूर में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल करने पर रोक रहेगी। डीजल जनरेटर का इस्तेमाल केवल इमरजेंसी या जरूरी परिस्थितियों में किया जा सकेगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के मुताबिक, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 20 अक्टूबर को 179 था, जो 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे बढ़कर 244 पहुंच गया। मौसम एजेंसियों ने आने वाले दिनों में भी AQI खराब श्रेणी में बने रहने का अनुमान जताया है। द लांसेट’ की 2024 की स्टडी के मुताबिक, भारत के 10 प्रमुख शहरों में से दिल्ली की स्थिति सबसे खराब है, जहां प्रदूषित हवा हर साल 12,000 लोगों की जान ले रही है। हवा का स्तर खराब होने पर GRAP लागू होता है हवा के प्रदूषण स्तर की जांच करने के लिए इसे 4 कैटेगरी में बांटा गया है। हर स्तर के लिए पैमाने और उपाय तय हैं। इसे ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) कहते हैं। इसकी 4 कैटेगरी के तहत सरकार पाबंदियां लगाती है और प्रदूषण कम करने के उपाय जारी करती है। एयर क्वालिटी इंडेक्स का क्या मतलब है? एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) एक तरह का टूल है, जो यह मापता है कि हवा कितनी साफ और स्वच्छ है। इसकी मदद से हम इस बात का भी अंदाजा लगा सकते हैं कि इसमें मौजूद एयर पॉल्यूटेंट्स से हमारी सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं। AQI मुख्य रूप से 5 सामान्य एयर पॉल्यूटेंट्स के कॉन्सन्ट्रेशन को मापता है। इसमें ग्राउंड लेवल ओजोन, पार्टिकल पॉल्यूशन, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड शामिल हैं। आपने AQI को अपने मोबाइल फोन पर या खबरों में आमतौर पर 80, 102, 184, 250 इन संख्याओं में देखा होगा। इन अंकों का क्या मतलब होता है, ग्राफिक में देखिए। ———————- ये खबर भी पढ़ें… कमजोर मानसून का असर- कर्नाटक में 33% फसलें बर्बाद:महाराष्ट्र में 7 दिनों में 4 किसानों ने दी जान, तमिलनाडु में चावल के दाम 50% तक बढ़े भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में अल नीनो का असर दिखने लगा है। कमजोर मानसून के कारण दक्षिण पूरी खबर पढ़ें…

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