कोडरमा में प्रेमी ने की प्रेमिका के पति की हत्या:मर्डर के 7 दिनों बाद मिली लाश, आरोपी दोस्त की वाइफ से करना चाहता था शादी

कोडरमा में प्रेमी ने की प्रेमिका के पति की हत्या:मर्डर के 7 दिनों बाद मिली लाश, आरोपी दोस्त की वाइफ से करना चाहता था शादी

कोडरमा के नवलशाही थाना क्षेत्र में एक बंद खदान के पास 17 अक्टूबर को मिले अज्ञात शव की पहचान के साथ ही उसकी हत्या का भी खुलासा हो गया है। इस मामले में मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि मृतक चौपारण थाना क्षेत्र के भगहर निवासी नरेश ठाकुर था। नरेश की पत्नी किरण देवी का उसके दोस्त सुनील के साथ अफेयर चल रहा था। सुनील और किरण शादी करना चाहते थे और इसी प्लान के तहत नरेश की हत्या की गई। नरेश और मृतक की एक 19 वर्षीय पुत्री जबकि 18 वर्ष और 16 वर्ष के दो पुत्र भी हैं आरोपी सुनील सलून और अवैध क्लिनिक चलाता था एसपी के अनुसार, शव मिलने के बाद नवलशाही थाना प्रभारी सुमन कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। एसडीपीओ प्रमोद केशरी और पुलिस निरीक्षक विकास पासवान मामले की निगरानी कर रहे थे। जांच में पता चला कि हजारीबाग के चौपारण और तिलैया थाना में भी एक व्यक्ति के लापता होने की शिकायत दर्ज हुई थी। परिजनों से पूछताछ में नरेश के दोस्त सुनील ठाकुर का नाम सामने आया, जो नवलशाही में रहता था। पुलिस ने सुनील को डोमचांच के बेहराडीह से हिरासत में लिया। उसने बताया कि नरेश की पत्नी किरण देवी से उसका 2019 से प्रेम प्रसंग था। दोनों शादी करना चाहते थे। इसलिए नरेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। सुनील सलून और अवैध क्लिनिक चलाता था। तबीयत खराब होने पर कीटनाशक का दिया था इंजेक्शन
एसपी ने बताया कि नरेश ठाकुर कोलकाता में किसी सलून में काम करता था। वहीं, सुनील भी नाई का काम करता था। इसी दौरान किरण और सुनील की एक दूसरे से मुलाकात हुई और दोनों के बीच प्रेम हो गया था। बीते 10 अक्टूबर को नरेश कोलकाता जाने के लिए अपने घर से कोडरमा स्टेशन ट्रेन पकड़ने के लिए निकला। लेकिन उसकी ट्रेन छूट गई। इस दौरान नरेश की तबीयत भी अचानक बिगड़ने लगी। नरेश ने इसकी सूचना फोन के माध्यम से किरण को दी। किरण ने इसकी जानकारी सुनील को दी। इसके बाद सुनील और किरण को नरेश को रास्ते से हटाने का एक बेहतरीन मौका मिल गया। सुनील ने नरेश को कॉल कर नवलशाही स्थित अपने क्लिनिक बुला लिया और इलाज के क्रम में उसे कीटनाशक का इंजेक्शन लगा दिया। इससे नरेश की तबीयत और बिगड़ने लगी और अंततः उसकी मौत हो गई। शव को छिपाने के उद्देश्य नरेश के शव को खादान में फेंका सुनील को यह जानकारी थी कि नवलशाही स्थिति साप्ताहिक बाजार के पास बंद पड़े एक खादान को भरने का काम चल रहा है। उसने उसी रात नरेश के शव को एक बोरे में डाल कर उस खादान में फेंक दिया। उसने सोचा कि बोरे के ऊपर मिट्टी भर जाने के बाद शव का मिलना नामुमकिल हो जाएगा और किसी को नरेश की कोई जानकारी नहीं मिलेगी। कोडरमा के नवलशाही थाना क्षेत्र में एक बंद खदान के पास 17 अक्टूबर को मिले अज्ञात शव की पहचान के साथ ही उसकी हत्या का भी खुलासा हो गया है। इस मामले में मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि मृतक चौपारण थाना क्षेत्र के भगहर निवासी नरेश ठाकुर था। नरेश की पत्नी किरण देवी का उसके दोस्त सुनील के साथ अफेयर चल रहा था। सुनील और किरण शादी करना चाहते थे और इसी प्लान के तहत नरेश की हत्या की गई। नरेश और मृतक की एक 19 वर्षीय पुत्री जबकि 18 वर्ष और 16 वर्ष के दो पुत्र भी हैं आरोपी सुनील सलून और अवैध क्लिनिक चलाता था एसपी के अनुसार, शव मिलने के बाद नवलशाही थाना प्रभारी सुमन कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। एसडीपीओ प्रमोद केशरी और पुलिस निरीक्षक विकास पासवान मामले की निगरानी कर रहे थे। जांच में पता चला कि हजारीबाग के चौपारण और तिलैया थाना में भी एक व्यक्ति के लापता होने की शिकायत दर्ज हुई थी। परिजनों से पूछताछ में नरेश के दोस्त सुनील ठाकुर का नाम सामने आया, जो नवलशाही में रहता था। पुलिस ने सुनील को डोमचांच के बेहराडीह से हिरासत में लिया। उसने बताया कि नरेश की पत्नी किरण देवी से उसका 2019 से प्रेम प्रसंग था। दोनों शादी करना चाहते थे। इसलिए नरेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। सुनील सलून और अवैध क्लिनिक चलाता था। तबीयत खराब होने पर कीटनाशक का दिया था इंजेक्शन
एसपी ने बताया कि नरेश ठाकुर कोलकाता में किसी सलून में काम करता था। वहीं, सुनील भी नाई का काम करता था। इसी दौरान किरण और सुनील की एक दूसरे से मुलाकात हुई और दोनों के बीच प्रेम हो गया था। बीते 10 अक्टूबर को नरेश कोलकाता जाने के लिए अपने घर से कोडरमा स्टेशन ट्रेन पकड़ने के लिए निकला। लेकिन उसकी ट्रेन छूट गई। इस दौरान नरेश की तबीयत भी अचानक बिगड़ने लगी। नरेश ने इसकी सूचना फोन के माध्यम से किरण को दी। किरण ने इसकी जानकारी सुनील को दी। इसके बाद सुनील और किरण को नरेश को रास्ते से हटाने का एक बेहतरीन मौका मिल गया। सुनील ने नरेश को कॉल कर नवलशाही स्थित अपने क्लिनिक बुला लिया और इलाज के क्रम में उसे कीटनाशक का इंजेक्शन लगा दिया। इससे नरेश की तबीयत और बिगड़ने लगी और अंततः उसकी मौत हो गई। शव को छिपाने के उद्देश्य नरेश के शव को खादान में फेंका सुनील को यह जानकारी थी कि नवलशाही स्थिति साप्ताहिक बाजार के पास बंद पड़े एक खादान को भरने का काम चल रहा है। उसने उसी रात नरेश के शव को एक बोरे में डाल कर उस खादान में फेंक दिया। उसने सोचा कि बोरे के ऊपर मिट्टी भर जाने के बाद शव का मिलना नामुमकिल हो जाएगा और किसी को नरेश की कोई जानकारी नहीं मिलेगी।  

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