SGNP: टार्च की रोशनी को समझा जानवर, चला दी गोली! नगर निगम कर्मी की मौत, डॉक्टर समेत 6 गिरफ्तार

SGNP: टार्च की रोशनी को समझा जानवर, चला दी गोली! नगर निगम कर्मी की मौत, डॉक्टर समेत 6 गिरफ्तार

Mira Bhayandar News: महाराष्ट्र के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) में जंगली सूअर के शिकार के दौरान कथित तौर पर गलती से चलाई गई गोली लगने से नगर निगम के 60 वर्षीय सफाईकर्मी की मौत हो गई। घटना मीरा-भायंदर के चेना गांव के जंगल की है। मृतक की पहचान विजय सुखरू सापटे के रूप में हुई है, जो वेलकरी पाड़ा इलाके में रहते थे। इस मामले में डॉक्टर राजेश पालांडे समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि गोली लगने से मौत होने के बावजूद मामले को छिपाने के लिए मृतक की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया और कथित तौर पर गलत मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया गया। पुलिस अब गोली चलाने वाले व्यक्ति, हथियार की वैधता और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जाने के पीछे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

अंधेरे में जानवर समझकर चलाई गोली, सफाईकर्मी की मौत

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, 19 अक्टूबर की रात कुछ लोग जंगली सूअर का शिकार करने के लिए चेना गांव के जंगल में गए थे। रात करीब 12 बजे से 1 बजे के बीच वे दो समूहों में बंट गए थे। इसी दौरान एक समूह को दूसरे समूह की ओर से बैटरी की रोशनी दिखाई दी।

आरोप है कि अंधेरे में इस रोशनी को जानवर की आंखों की चमक समझ लिया गया और उस दिशा में गोली चला दी गई। दुर्भाग्य से गोली विजय सापटे के सीने में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस घटना में कल्पेश ढगला और कुणाल शेलार भी घायल हुए। गोली किसने चलाई और शिकार के दौरान हथियार का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया, इसकी जांच की जा रही है।

मौत को हार्ट अटैक बताने का आरोप

इस मामले में सबसे गंभीर आरोप मौत के कारण को छिपाने की कोशिश से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, गोली लगने के बाद विजय सापटे को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद कथित तौर पर मीरा रोड के एक निजी डॉक्टर से संपर्क किया गया।

आरोप है कि डॉक्टर राजेश पालांडे ने मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताते हुए प्रमाणपत्र जारी किया। इसके बाद जल्दबाजी में अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मृत्यु प्रमाणपत्र किन परिस्थितियों में जारी किया गया और उसमें दर्ज कारण का आधार क्या था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

पुलिस को पहले बताई गई थी दूसरी कहानी

बताया जा रहा है कि शुरुआत में पुलिस को यह जानकारी दी गई थी कि नदी में मछली पकड़ते समय विस्फोटक फटने से लोग घायल हुए और विजय सापटे की मौत हार्ट अटैक से हुई।

लेकिन मंगलवार सुबह करीब 11 बजे वन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान कथित तौर पर सामने आया कि जंगल में शिकार के दौरान गोली चली थी, जिसमें विजय सापटे की जान चली गई और अन्य लोग घायल हुए।

इसके बाद पुलिस ने मामले में डॉक्टर राजेश पालांडे समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद कथित तौर पर गलत जानकारी क्यों दी गई और मौत की असली वजह छिपाने में किसकी क्या भूमिका थी।

डॉक्टर की भूमिका भी जांच के घेरे में

डॉक्टर राजेश पालांडे के राजनीतिक संबंधों को लेकर भी चर्चा हो रही है। बताया जाता है कि वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में सक्रिय हैं और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के करीबी माने जाते हैं।

हालांकि, इस मामले में उनकी राजनीतिक पहचान से अलग पुलिस की जांच मुख्य रूप से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की परिस्थितियों और घटना के बाद उनकी कथित भूमिका पर केंद्रित है। किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।

पुलिस कर रही है जांच

पुलिस के सामने फिलहाल कई अहम सवाल हैं। गोली किसने चलाई? क्या इस्तेमाल किया गया हथियार वैध था? शिकार के दौरान सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया गया था या नहीं? मृतक की मौत का कारण हार्ट अटैक बताने वाला प्रमाणपत्र किन आधारों पर जारी किया गया? और क्या घटना के बाद पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई? पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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