गुरुग्राम और नूंह (मेवात) में बिजली वितरण व्यवस्था निजी कंपनी को सौंपने की प्रक्रिया के विरोध में बुधवार को प्रदेशभर में बिजली कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। हिसार में कर्मचारियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ रोष जताते हुए संबंधित आदेशों की प्रतियां जलाईं। कर्मचारियों ने 22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल का ऐलान किया है। इससे आमजन को बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बिजली विभाग के कर्मचारी जगमिंदर ने कहा कि सरकार बिजली वितरण व्यवस्था निजी कंपनियों को सौंपने की दिशा में कदम उठा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि गुरुग्राम और नूंह जैसे क्षेत्रों से विभाग को होने वाले मुनाफे से किसानों, मजदूरों और गरीब परिवारों को मिलने वाली बिजली संबंधी रियायतों पर असर पड़ सकता है। रात 10 बजे के बाद काम नहीं करने की चेतावनी जगमिंदर ने कहा कि 22, 23 और 24 अक्टूबर को हड़ताल के दौरान कर्मचारी काम नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर की रात 10 बजे के बाद बिजली आपूर्ति से जुड़े कार्यों में कर्मचारी सहयोग नहीं करेंगे। ऐसे में बिजली सप्लाई बाधित होने की आशंका है। उन्होंने आमजन, किसानों, व्यापारियों और उद्योगपतियों से अपील की कि वे संभावित परेशानी को देखते हुए पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं कर लें। 25 अक्टूबर को होगी बैठक जगमिंदर के अनुसार, संयुक्त किसान मोर्चा भी आंदोलन को समर्थन दे रहा है। 25 अक्टूबर को कर्मचारी संगठनों, अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें आगे के आंदोलन और हड़ताल बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा। कर्मचारियों ने सरकार से निजीकरण की प्रक्रिया वापस लेने की मांग की है।

