आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को पुलिसकर्मियों से अपराध रोकने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई), डेटा विश्लेषण और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाने तथा पीड़ितों के साथ मानवीय व्यवहार अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रभावी कानून-व्यवस्था राज्य के विकास, निवेश आकर्षित करने और लोगों की खुशहाली के लिए जरूरी है। नायडू ने पुलिस दिवस के अवसर पर मंगलागिरि स्थित छठी आंध्र प्रदेश विशेष पुलिस बटालियन में अमर जवान स्मारक पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि 1959 में 21 अक्टूबर को लद्दाख में चीनी सैनिकों के हमले का मुकाबला करते हुए जान गंवाने वाले 10 पुलिसकर्मियों की याद में यह दिवस मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों के बलिदान को केवल संवेदना व्यक्त करने के बजाय जिम्मेदारी के रूप में याद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी लोगों में सुरक्षा का भरोसा जगाए, जबकि अपराधियों में उसका डर होना चाहिए।
नायडू ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों से अपराध की पहचान करने में मदद मिलती है, जबकि डेटा विश्लेषण से उसके पीछे के तथ्यों का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने आंध्र प्रदेश पुलिस से प्रौद्योगिकी आधारित पुलिस प्रणाली में देश में अग्रणी बनने का आह्वान किया। उन्होंने साइबर अपराधों के प्रति आगाह करते हुए कहा कि अपराधी फोन कॉल, लिंक और संदेशों के जरिए लोगों की जीवनभर की कमाई चुरा रहे हैं।
उन्होंने राजनीति की आड़ में होने वाले अपराधों को बर्दाश्त नहीं करने और लोगों को परेशान करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, मादक पदार्थों और गांजे पर अंकुश लगाने तथा सड़क दुर्घटनाएं कम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने मादक पदार्थों पर नियंत्रण के प्रयासों के लिए ईगल (मादक पदार्थ रोधी इकाई) की सराहना की।
नायडू ने कहा कि पुलिसकर्मियों को योग और ध्यान के जरिए काम का तनाव कम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उसका लक्ष्य प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की विभिन्न इकाइयों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनियों को देखा।
उन्होंने अपराधों की जांच में इस्तेमाल होने वाले फॉरेंसिक उपकरणों, आपदा राहत उपकरणों और ऑक्टोपस सहित विभिन्न इकाइयों के आधुनिक हथियारों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निगरानी और अन्य कार्यों के लिए ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ाने का सुझाव भी दिया। नायडू ने पुलिस शहीद स्मारक निधि में योगदान भी दिया।

