बच्चों ने फूंका ‘शिक्षा माफियाओं’ का रावण:अलीगढ़ में विजयादशमी पर अनोखा विरोध: बोले- पढ़ाई को व्यापार बना दिया, 4 फीट का पुतला जलाकर शिक्षा सस्ती करने की मांग

बच्चों ने फूंका ‘शिक्षा माफियाओं’ का रावण:अलीगढ़ में विजयादशमी पर अनोखा विरोध: बोले- पढ़ाई को व्यापार बना दिया, 4 फीट का पुतला जलाकर शिक्षा सस्ती करने की मांग

विजयादशमी पर मंगलवार को शहर के नौरंगाबाद क्षेत्र के छावनी इलाके में बच्चों ने शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। यहां बच्चों ने करीब 4 फीट ऊंचा ‘शिक्षा माफिया’ का रावण बनाकर उसका दहन किया। बच्चों का कहना था कि शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है। निजी स्कूलों और शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई का खर्च लगातार बढ़ने से गरीब और आम परिवारों के लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना मुश्किल होता जा रहा है।
बच्चों ने रावण दहन के जरिए सरकार से शिक्षा को सस्ता और जरूरतमंदों के लिए मुफ्त करने की मांग उठाई। साथ ही शिक्षा के नाम पर मनमानी फीस वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की। बच्चों का कहना था कि विजयादशमी पर रावण के पुतले का दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसी भावना के तहत उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त कथित अनियमितताओं और महंगाई को रावण के रूप में प्रदर्शित किया।
‘शिक्षा इतनी महंगी कि गरीबों के लिए पढ़ना मुश्किल’
पुतला दहन में शामिल मेहुल ने कहा कि आज शिक्षा माफियाओं ने पढ़ाई का व्यापार बना दिया है। शिक्षा इतनी महंगी हो गई है कि आम और गरीब परिवारों के बच्चे आसानी से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, लेकिन बढ़ते खर्च के कारण कई परिवारों के सामने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का संकट खड़ा हो जाता है। इसी मुद्दे को सामने लाने के लिए दशहरा पर शिक्षा माफिया का पुतला जलाया गया।
‘मिलकर बनाया शिक्षा माफिया का पुतला’
पुतला बनाने में शामिल अभिषेक ने बताया कि उसने अपने साथियों के सहयोग से शिक्षा माफिया का रावण तैयार किया। बच्चों ने मिलकर करीब चार फीट का पुतला बनाया और विजयादशमी के दिन उसका दहन किया। उनका उद्देश्य लोगों का ध्यान शिक्षा के महंगे होने की समस्या की ओर खींचना है, ताकि इस मुद्दे पर चर्चा हो और जिम्मेदार लोग कार्रवाई के लिए आगे आएं।
चंचल ने भी उठाया पढ़ाई महंगी होने का मुद्दा
चंचल ने भी शिक्षा के बढ़ते खर्च पर चिंता जताई। उसने कहा कि पढ़ाई महंगी होने का असर आम परिवारों पर पड़ता है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिसे हर बच्चा हासिल कर सके। पैसे की कमी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। बच्चों ने सरकार से अपील की कि शिक्षा को सुलभ बनाया जाए और गरीब परिवारों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
गांधी पार्क थाना क्षेत्र के छावनी, नौरंगाबाद इलाके में हुए इस प्रतीकात्मक पुतला दहन के जरिए बच्चों ने दशहरे पर सामाजिक बुराई के रूप में शिक्षा के व्यापारीकरण के खिलाफ संदेश देने की कोशिश की।

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