नीमच के दशहरा मैदान में मंगलवार को रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। आतिशबाजी के बीच हुए आयोजन में हजारों लोग पहुंचे, लेकिन भीड़ के मैदान में घुसने से व्यवस्था बिगड़ गई। बाहर खड़े दर्शकों को परेशानी हुई और पुलिस को भीड़ हटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। परिक्रमा के दौरान भी भगदड़ जैसी स्थिति बनी। 51 फीट का रावण, 31-31 फीट के कुंभकरण-मेघनाथ दशहरा उत्सव समिति ने इस बार 51 फीट ऊंचा रावण और 31-31 फीट ऊंचे कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले तैयार कराए थे। रावण का मुकुट रंग-बिरंगी लाइटों से चमक रहा था और उसके हाथ-पैर हिल रहे थे। पुतलों को देखने नीमच और आसपास के इलाकों से लोग पहुंचे थे। तकनीकी वजह से रावण दहन में हुई देरी पुतला दहन से पहले अतिथियों ने संबोधित किया। इसके बाद स्वांगधारियों ने पुतलों की परिक्रमा की। कालका माता, नील भैरव, काल भैरव और लाल भैरव के स्वरूपों ने रावण के चारों ओर चक्कर लगाए। तकनीकी वजह से रावण का पुतला जलने में देरी हुई। मैदान में घुसे लोग, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात था, इसके बावजूद सैकड़ों लोग मैदान के अंदर घुस गए। इससे बाहर खड़े दर्शकों को परेशानी हुई। पुलिस को भीड़ हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कार्यक्रम में विधायक दिलीप सिंह परिहार, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और एसपी राजेश व्यास समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

