धमतरी में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर्व इस बार नए अंदाज में मनाया गया। शहर में दशकों से चली आ रही रावण दहन की परंपरा के तहत इस बार पहली बार स्थान बदलकर स्वर्गीय विष्णु हिरवानी एकलव्य खेल परिसर में दशहरा उत्सव आयोजित किया गया। यहां 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए। रावण दहन के बाद हुई आतिशबाजी से मैदान रोशनी से जगमगा उठा और जय श्रीराम के जयकारों से गूंजने लगा। रामलीला के मंचन के बाद किया गया रावण दहन दशहरा उत्सव की शुरुआत रामलीला मंडली की रंगारंग प्रस्तुति से हुई। मंडली के कलाकारों ने रामायण के प्रसंगों का मंचन किया। इसके बाद भगवान राम का स्वरूप धारण किए कलाकार और महापौर रामू रोहरा ने रॉकेट जलाकर रावण के पुतले का दहन किया। रावण के जलते ही मैदान में मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इसके बाद कई तरह की आतिशबाजी की गई। आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी देखकर दर्शकों ने तालियां बजाईं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में दशहरा पर्व को लेकर उत्साह दिखाई दिया। पहली बार बदला आयोजन स्थल धमतरी में दशकों से चली आ रही रावण दहन की परंपरा के तहत इस बार नगर निगम ने आयोजन स्थल बदलकर स्वर्गीय विष्णु हिरवानी एकलव्य खेल परिसर में कार्यक्रम कराया। स्थान बदलने को लेकर आलोचना भी हुई थी, लेकिन आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। अपने भीतर के रावण को भी खत्म करना जरूरी: महापौर महापौर रामू रोहरा ने कहा कि इस वर्ष एकलव्य खेल परिसर में दशहरा उत्सव आयोजित किया गया। आयोजन स्थल बदलने को लेकर आलोचना हो रही थी, लेकिन उन्हें विश्वास था कि जनता इस बदलाव को स्वीकार करेगी। उन्होंने कहा कि विजयादशमी पर रावण का पुतला जलाया जाता है, लेकिन हमारे भीतर भी नशा, अहंकार और गंदगी रूपी रावण मौजूद हैं। यदि हम साल के 365 दिन इन बुराइयों को खत्म करने का प्रयास करें, तो समाज में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। महापौर ने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में रामलीला के मंचन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।

