Weapon Worship Of Raghuraj Pratap Singh In Pratapgarh: प्रतापगढ़ में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने दशहरा के अवसर पर शास्त्रों का पूजन किया। जिसमें तलवार से लेकर बंदूक और राइफल शामिल है। इस मौके पर आचार्यगण भी मौजूद थे। मंत्रोच्चारण के बीच शस्त्र पूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में राजा भैया के समर्थक और गणमान्य नागरिक मौजूद थे। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजा भैया ने कहा कि दशहरा के अवसर पर शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है। शस्त्र पूजन कार्यक्रम प्रतापगढ़ के कुंडा में संपन्न हुआ।
मंत्र उच्चारण के बीच संपन्न हुआ शस्त्र पूजन
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के कुंडा स्थित बेंती कोठी दशहरा के अवसर पर विशेष चहल पहल थी। आज जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने परंपरागत रूप से शस्त्र पूजन किया। 11 आचार्यों ने विधि-विधान से पूजा अर्चनाकर शस्त्र पूजन संपन्न कराया। जिसमें करीब 500 से देसी और विदेशी शस्त्रों का पूजन हुआ।
बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद
शस्त्र पूजन के दौरान प्रतापगढ़ कुंडा स्थित बेंती कोठी में बड़ी संख्या में समर्थकों और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद थे। शस्त्र पूजन में तलवार, बंदूक, राइफल सहित अन्य हथियारों को रखा गया था। आचार्यों के मंत्रोच्चारण के बीच रघुराज प्रताप सिंह ने पुष्प अर्पित कर पूजा अर्चना की।
शास्त्र ही शक्ति का प्रतीक
पत्रकारों से बातचीत करते हुए रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने कहा कि सनातन धर्म में शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है। शस्त्र ही शक्ति का प्रतीक हैं। शक्ति की उपासना के बिना धर्म की रक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है और इस दिन शस्त्र पूजन करने से धर्म और सत्य की रक्षा की प्रेरणा मिलती है। बेंती कोठी में रखे गए शस्त्र उनके राजपरिवार की विरासत का हिस्सा हैं।
शस्त्र पूजन को लेकर लोगों में आकरण
राजा भैया ने कहा कि आजकल कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके हाथी के दांत दिखाने के और होते हैं और खाने के और होते हैं। ऐसे लोगों से जनता को सावधान रहने की जरूरत है। राजा भैया के शस्त्र पूजन कार्यक्रम प्रतिवर्ष विजयदशमी के दिन होता है जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहता है। बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद रहते हैं।

