टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद ट्रोल्स को फिटनेस कोच ने दिया जवाब, मां आयशा ने भी किया रिएक्ट

टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद ट्रोल्स को फिटनेस कोच ने दिया जवाब, मां आयशा ने भी किया रिएक्ट

Tiger Shroff Firing Case: अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी कथित फायरिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि मार्शल आर्ट्स और फिटनेस की ट्रेनिंग लेने के बावजूद टाइगर हमले का सामना क्यों नहीं कर सके। अब फिटनेस ट्रेनर और कमांडो प्रिंस जामवाल ने सोशल मीडिया पर ऐसे ट्रोल्स को जवाब दिया है। उन्होंने समझाया कि असल जिंदगी में किसी हथियारबंद हमले की तुलना फिल्मी एक्शन सीन से नहीं की जा सकती।

प्रिंस जामवाल की पोस्ट पर टाइगर श्रॉफ की मां आयशा श्रॉफ ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कमेंट में हाथ जोड़ने वाली तीन इमोजी शेयर कीं। इसके बाद कई अन्य लोगों ने भी फिटनेस कोच की बात का समर्थन किया।

हमले के बाद टाइगर की मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग पर उठे सवाल

18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ से जुड़ी कथित फायरिंग की घटना सामने आई थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने अभिनेता की मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग को लेकर सवाल उठाए और उन्हें ट्रोल भी किया।

टाइगर श्रॉफ अपनी फिटनेस और मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग के लिए लंबे समय से जाने जाते हैं। उन्होंने कई फिल्मों में एक्शन और स्टंट भी किए हैं। इसी वजह से सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह सवाल उठाया कि जब अभिनेता को इतनी ट्रेनिंग हासिल है तो वह हमलावरों का सामना क्यों नहीं कर सके।

इन्हीं सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कमांडो प्रिंस जामवाल ने कहा कि बंदूक सामने होने की स्थिति में मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग बेकार नहीं हो जाती, बल्कि उस समय परिस्थितियों को समझने की क्षमता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

‘बंदूक सामने हो तो हालात अलग होते हैं’

फिटनेस ट्रेनर ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि किसी व्यक्ति के सामने बंदूक होने का मतलब यह नहीं है कि उसकी मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग बेकार हो गई। ऐसी स्थिति में आसपास के माहौल को समझना और खतरे को जल्दी पहचानना ज्यादा जरूरी हो जाता है।

Tiger Shroff Firing Case
टाइगर श्रॉफ की मां का कमेंट

उन्होंने कहा कि कराटे या ताइक्वांडो जैसी किसी भी मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग को सिर्फ इसलिए ट्रोल करना कि हमलावर के पास बंदूक थी, सही नहीं है। उनके मुताबिक, मार्शल आर्ट्स हर तरह के खतरे से बचने की गारंटी नहीं देती।

प्रिंस जामवाल ने कहा कि मार्शल आर्ट्स का फायदा अनुशासन, आत्मविश्वास, शारीरिक फिटनेस और दबाव में प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करने में होता है।

असली जिंदगी और फिल्मों के एक्शन में अंतर

फिटनेस कोच ने लोगों को याद दिलाया कि फिल्मों में दिखाए जाने वाले एक्शन सीन और वास्तविक जिंदगी में होने वाली हिंसक घटनाओं के बीच काफी अंतर होता है। फिल्मों में अभिनेता कई हमलावरों से अकेले लड़ता हुआ दिखाई दे सकता है, लेकिन वास्तविक स्थिति में हथियार की मौजूदगी खतरे को पूरी तरह बदल देती है।

उन्होंने कहा कि किसी हथियारबंद हमले के दौरान प्राथमिकता लड़ाई जीतना नहीं, बल्कि सुरक्षित रहना और अपनी जिंदगी बचाना होनी चाहिए। उन्होंने लोगों को ऐसी स्थिति में फिल्मी तरीके से प्रतिक्रिया न देने की सलाह दी।

उनके मुताबिक, किसी भी तरह की कॉम्बैट ट्रेनिंग लेने वाले व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि वास्तविक जिंदगी में लक्ष्य हर लड़ाई जीतना नहीं होता। सबसे महत्वपूर्ण बात खतरे से बचकर सुरक्षित निकलना है।

परिस्थितियों को समझना क्यों जरूरी है?

प्रिंस जामवाल ने अपने पोस्ट में ‘सिचुएशनल अवेयरनेस’ यानी आसपास की परिस्थितियों के प्रति जागरूकता को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, इसका मतलब है कि व्यक्ति अपने आसपास की चीजों पर नजर रखे और संभावित खतरे को समय रहते पहचानने की कोशिश करे।

उन्होंने कहा कि खतरे का आकलन करने से किसी व्यक्ति को स्थिति को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है। ऐसे समय में बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया देने के बजाय सुरक्षित विकल्प चुनना ज्यादा जरूरी है।

उन्होंने हथियारबंद हमले की स्थिति में ‘सर्वाइवल फर्स्ट’ यानी सबसे पहले अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।

आयशा श्रॉफ ने भी दी प्रतिक्रिया

प्रिंस जामवाल की इस पोस्ट पर टाइगर श्रॉफ की मां आयशा श्रॉफ ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कमेंट में हाथ जोड़ने वाली तीन इमोजी शेयर कीं। उनके इस रिएक्शन से भी पोस्ट को समर्थन मिलने की बात सामने आई।

इसके अलावा कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी फिटनेस कोच की बात से सहमति जताई। एक प्रशंसक ने टाइगर श्रॉफ को बहादुर बताते हुए उनकी तारीफ की।

एक अन्य यूजर ने प्रिंस जामवाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर जरूरी बात रखी है।

एक अन्य प्रशंसक ने दावा किया कि कथित घटना के दौरान टाइगर ने जिस तरह स्थिति को संभाला और अपने ड्राइवर के साथ सीट बदलने तथा उसे अस्पताल ले जाने का फैसला किया, वह उनकी सूझबूझ को दिखाता है। हालांकि, इस प्रतिक्रिया में किए गए दावों को भी संबंधित घटना की आधिकारिक जानकारी के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

ट्रोलिंग के बीच फिटनेस कोच का संदेश

टाइगर श्रॉफ को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही ट्रोलिंग के बीच प्रिंस जामवाल ने यह समझाने की कोशिश की कि मार्शल आर्ट्स सीखने का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति हथियारबंद हमले से अजेय हो जाता है। वास्तविक खतरे में परिस्थितियों को पहचानना, सुरक्षित रास्ता चुनना और जान बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।

टाइगर श्रॉफ की मार्शल आर्ट्स और फिटनेस ट्रेनिंग उनकी पेशेवर पहचान का हिस्सा रही है, लेकिन किसी वास्तविक हथियारबंद हमले की स्थिति की तुलना फिल्मी लड़ाई से करना उचित नहीं माना जा सकता। इसी बात को फिटनेस कोच ने अपनी पोस्ट के जरिए सामने रखा, जिस पर आयशा श्रॉफ समेत कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी।

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