शामली शहर के ब्राह्मण मोहल्ले में नाली निर्माण नहीं होने से चार-पांच घरों के परिवार परेशान हैं। पानी की निकासी नहीं होने से रास्ते पर कीचड़ जमा हो रहा है। आरोप है कि कुछ लोग निजी रास्ता बताकर नाली निर्माण का विरोध कर रहे हैं। समस्या के समाधान के लिए पीड़ित करीब एक साल में 25 बार अधिकारियों के पास शिकायत लेकर पहुंच चुके हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। मंगलवार को लोगों ने त्योहारों का बहिष्कार कर विरोध जताया और जिलाधिकारी से समस्या का समाधान कराने की गुहार लगाई। मोहल्ले के संजय गोयल, नीलम गोयल, बल्लमगढ़, पूजा, कमल मित्तल और अर्चना मित्तल का कहना है कि नाली नहीं होने से उनके घरों के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इससे रास्ते पर कीचड़ जमा रहता है और लोगों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ती है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों के विरोध के चलते नाली निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। 25 बार शिकायत, फिर भी नहीं मिला समाधान स्थानीय निवासी अर्चना मित्तल ने बताया कि नाली निर्माण की समस्या को लेकर वह करीब एक साल से अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं। इस दौरान जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को करीब 25 बार प्रार्थना पत्र देकर समस्या बताई जा चुकी है। इसके बावजूद नाली निर्माण नहीं हो सका। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। सास की मौत पर भी कीचड़ से गुजरना पड़ा स्थानीय निवासी पूजा ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि रास्ते पर कीचड़ होने के कारण रोजमर्रा के कामों के लिए निकलना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि जब उनकी सास की मौत हुई थी, उस समय भी उन्हें इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा था। ऐसी स्थिति में परिवार को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि रास्ते की समस्या के कारण सामान्य आवागमन के साथ-साथ मुश्किल समय में भी दिक्कत होती है। DM से लगाई गुहार, मौके की जांच की मांग समस्या से परेशान लोगों ने मंगलवार को त्योहारों का बहिष्कार कर विरोध जताया। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेकर मौके की जांच कराने और संबंधित अधिकारियों को नाली निर्माण कराने के निर्देश देने की मांग की।पीड़ितों का कहना है कि नाली बन जाने से चार-पांच घरों के पानी की निकासी की समस्या दूर हो सकती है। अब देखना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद लंबित इस समस्या पर प्रशासन कब कार्रवाई करता है।

