एशियन पैरा गेम्स- नालंदा के झंडू ने उठाया 190KG:पांचवें स्थान पर रहे, 195KG के दोनों प्रयास नाकाम, मलेशिया के खिलाड़ी ने जीता गोल्ड

एशियन पैरा गेम्स- नालंदा के झंडू ने उठाया 190KG:पांचवें स्थान पर रहे, 195KG के दोनों प्रयास नाकाम, मलेशिया के खिलाड़ी ने जीता गोल्ड

अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर बिहार के खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन लगातार जारी है। पांचवें एशियन पैरा गेम्स की पैरा पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में नालंदा के एथलीट झंडू कुमार ने अपने प्रदर्शन से देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। कड़े मुकाबले के बीच उन्होंने 190 किलोग्राम भार उठाकर पांचवां स्थान हासिल किया। पहले प्रयास में 190 किग्रा उठाया, 195 किग्रा में नहीं मिली सफलता प्रतियोगिता के आधिकारिक नतीजों के मुताबिक, झंडू कुमार ने अपने पहले ही प्रयास में 190 किलोग्राम भार सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद उन्होंने पदक की दौड़ में आगे बढ़ने के लिए दूसरे और तीसरे प्रयास में 195 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की। हालांकि, दोनों प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर दुनिया के दिग्गज पावरलिफ्टरों के बीच पांचवां स्थान हासिल करना उनकी मेहनत और संघर्ष को दर्शाता है। मलेशिया के खिलाड़ी ने 225 किग्रा उठाकर जीता स्वर्ण इस स्पर्धा में मलेशिया के अनक गुस्टिन बीबी ने 225 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। चीन के झांग पी ने 212 किलोग्राम के साथ रजत और ईरान के बख्तियार एम ने 208 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। इराक के अल-करखी ए 204 किलोग्राम भार उठाकर चौथे स्थान पर रहे। वहीं, भारत के झंडू कुमार ने 190 किलोग्राम के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने दी बधाई झंडू कुमार की उपलब्धि पर नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पांच में जगह बनाना उनकी कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। बिहार के युवा खिलाड़ियों के लिए बने प्रेरणा इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, सचिव कुंदन कुमार पांडेय, कोषाध्यक्ष रवि कुमार, खेल प्रेमी प्रमोद कुमार, प्रबंधक विनय कुमार और सतनाम कबीर सहित कई स्थानीय खेल प्रेमियों व प्रशिक्षकों ने झंडू कुमार को बधाई दी। पदाधिकारियों ने कहा कि झंडू कुमार का प्रदर्शन बिहार के अन्य दिव्यांग और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि झंडू अपनी कमियों में सुधार कर आने वाले समय में देश के लिए पदक जीतेंगे और अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराएंगे। अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर बिहार के खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन लगातार जारी है। पांचवें एशियन पैरा गेम्स की पैरा पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में नालंदा के एथलीट झंडू कुमार ने अपने प्रदर्शन से देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। कड़े मुकाबले के बीच उन्होंने 190 किलोग्राम भार उठाकर पांचवां स्थान हासिल किया। पहले प्रयास में 190 किग्रा उठाया, 195 किग्रा में नहीं मिली सफलता प्रतियोगिता के आधिकारिक नतीजों के मुताबिक, झंडू कुमार ने अपने पहले ही प्रयास में 190 किलोग्राम भार सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद उन्होंने पदक की दौड़ में आगे बढ़ने के लिए दूसरे और तीसरे प्रयास में 195 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की। हालांकि, दोनों प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर दुनिया के दिग्गज पावरलिफ्टरों के बीच पांचवां स्थान हासिल करना उनकी मेहनत और संघर्ष को दर्शाता है। मलेशिया के खिलाड़ी ने 225 किग्रा उठाकर जीता स्वर्ण इस स्पर्धा में मलेशिया के अनक गुस्टिन बीबी ने 225 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। चीन के झांग पी ने 212 किलोग्राम के साथ रजत और ईरान के बख्तियार एम ने 208 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। इराक के अल-करखी ए 204 किलोग्राम भार उठाकर चौथे स्थान पर रहे। वहीं, भारत के झंडू कुमार ने 190 किलोग्राम के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने दी बधाई झंडू कुमार की उपलब्धि पर नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पांच में जगह बनाना उनकी कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। बिहार के युवा खिलाड़ियों के लिए बने प्रेरणा इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, सचिव कुंदन कुमार पांडेय, कोषाध्यक्ष रवि कुमार, खेल प्रेमी प्रमोद कुमार, प्रबंधक विनय कुमार और सतनाम कबीर सहित कई स्थानीय खेल प्रेमियों व प्रशिक्षकों ने झंडू कुमार को बधाई दी। पदाधिकारियों ने कहा कि झंडू कुमार का प्रदर्शन बिहार के अन्य दिव्यांग और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि झंडू अपनी कमियों में सुधार कर आने वाले समय में देश के लिए पदक जीतेंगे और अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराएंगे।  

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