कटिहार के बड़ी दुर्गा मंदिर में नवरात्रि पर हवन और कन्या पूजन किया गया। इसमें हजारों श्रद्धालु पहुंचे और हवन में आहुति दी। सुबह से ही मंदिर में मंत्रों के साथ हवन शुरू हुआ। पंडितों ने मां दुर्गा के जयकारों के बीच आहुति दिलवाई। श्रद्धालुओं ने घी, धूप और सामग्री चढ़ाकर सुख-समृद्धि मांगी। हवन के बाद कन्या पूजन हुआ। नौ कन्याओं को देवी मानकर उनके पैर धोए गए, चुनरी ओढ़ाई गई, भोजन कराया गया और दक्षिणा दी गई। “जय माता दी” के जयकारे गूंजते रहे। पूजा समिति के सदस्यों प्रभाकर झा, मंटू सिंह और विप्लव सिंह ने बताया कि यह कटिहार के पुराने मंदिरों में से एक है। यहां हर साल दुर्गा पूजा पर हजारों भक्त हवन और कन्या पूजन में शामिल होते हैं। मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात था। पूजा समिति ने श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और बैठने के खास इंतजाम किए थे। कटिहार के बड़ी दुर्गा मंदिर में नवरात्रि पर हवन और कन्या पूजन किया गया। इसमें हजारों श्रद्धालु पहुंचे और हवन में आहुति दी। सुबह से ही मंदिर में मंत्रों के साथ हवन शुरू हुआ। पंडितों ने मां दुर्गा के जयकारों के बीच आहुति दिलवाई। श्रद्धालुओं ने घी, धूप और सामग्री चढ़ाकर सुख-समृद्धि मांगी। हवन के बाद कन्या पूजन हुआ। नौ कन्याओं को देवी मानकर उनके पैर धोए गए, चुनरी ओढ़ाई गई, भोजन कराया गया और दक्षिणा दी गई। “जय माता दी” के जयकारे गूंजते रहे। पूजा समिति के सदस्यों प्रभाकर झा, मंटू सिंह और विप्लव सिंह ने बताया कि यह कटिहार के पुराने मंदिरों में से एक है। यहां हर साल दुर्गा पूजा पर हजारों भक्त हवन और कन्या पूजन में शामिल होते हैं। मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात था। पूजा समिति ने श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और बैठने के खास इंतजाम किए थे।

