बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ गई है। हार्ट की परेशानी के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में ICU में भर्ती कराया गया है। उन्हें सोमवार देर रात अस्पताल में एडमिट कराया गया है। नीरज कुमार पहले से ही हार्ट के मरीज रहे हैं। नीरज कुमार की तबीयत ऐसे समय बिगड़ी है, जब पटना स्नातक चुनाव में उन्हें अपनी ही पार्टी के विधायक अनंत सिंह के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अनंत सिंह खुलकर जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। वह नीरज कुमार के खिलाफ कई बार बयान दे चुके हैं। वहीं, नीरज कुमार भी बिना नाम लिए अनंत सिंह पर पलटवार कर चुके हैं। दोनों नेताओं के बीच विवाद की शुरुआत पुराने राजनीतिक विरोध और विधानसभा चुनाव के दौरान एक-दूसरे के खिलाफ प्रचार करने की शिकायतों से जुड़ी है। विवाद को खत्म कराने के लिए केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने भी हस्तक्षेप किया था, लेकिन अनंत सिंह ने नीरज कुमार के समर्थन में आने के बजाय अनुज सिंह का साथ देने का फैसला किया। अनंत सिंह और नीरज कुमार विवाद में बयानबाजी तेज नीरज कुमार बोले- मैं आपके बीच न्याय मांगने आया हूं, क्या मैं अपराधी हूं? गुरुवार को पटना के बाढ़ में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नीरज कुमार ने बिना नाम लिए अपने विरोधियों पर हमला बोला था। उन्होंने कहा, “मैं आपके बीच न्याय मांगने आया हूं। क्या मैं अपराधी हूं, गुंडा हूं? बार-बार मेरा चरित्र हनन किया जा रहा है। तीन बार विधान परिषद सदस्य रह चुके नीरज कुमार ने कहा, ‘मैं डरने वाला नहीं, अड़ने वाला हूं।’ चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने खुद को पीड़ित बताते हुए कहा कि वह हमेशा पार्टी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति ईमानदार रहे हैं। उन्होंने जनता से सवाल किया कि लोग उन्हें 30-40 साल से जानते हैं, ऐसे में उन्हें बताएं कि क्या वह अपराधी हैं। नीरज कुमार ने कहा, आप लोग मुझे 30-40 साल से जानते हैं। तो बताइए क्या मैं कोई अपराधी हूं? हाथ उठाकर बोलिए। क्या हम बोल्डर हैं? हम बदमाश हैं? हम किसी के खिलाफ कोई अपशब्द बोलते हैं?” उन्होंने कहा कि कोई उन्हें कितनी भी गाली दे, इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता। लेकिन नीतीश कुमार पर राजनीतिक या अनैतिक हमला वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। नीरज कुमार ने अपने विरोधियों को संदेश देते हुए कहा कि वह नीतीश कुमार पर हमला करने वालों को जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे। बोले- कभी कहते हैं ललन सिंह ने फंसाया, कभी लेसी सिंह ने नीरज कुमार ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कभी कहा जाता है कि ललन सिंह ने फंसाया, तो कभी कहा जाता है कि लेसी सिंह ने फंसाया। उन्होंने कहा, कोई किसी को नहीं फंसाता, उसके कर्म फंसाते हैं। मुझे कोई राजनीतिक संरक्षण नहीं मिला। जब मुझ पर आरोप लगा तो मैंने पुलिस को प्रमाण दिया।” बोले- मेरे साथ कार्यकर्ता हैं, बाहुबल नहीं जेडीयू कार्यालय में आयोजित बैठक में भी नीरज कुमार ने अपने विरोधियों को जवाब दिया था। उन्होंने था कहा कि कार्यकर्ताओं को बुलाने में उन्होंने एक रुपए खर्च नहीं किया है। उनके पास धनबल और बाहुबल नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं का साथ है। उन्होंने निशांत कुमार को बधाई देते हुए कहा कि वह अपने राजनीतिक जीवन में पिता का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ रहे हैं। नीरज कुमार ने कहा, मेरा सौभाग्य है कि निशांत ने सबसे पहले मेरा चुनावी सभा को संबोधित किया। अनंत सिंह बोले- नीतीश कुमार के लिए 9 लोगों की कुर्बानी दी, गोली तक खाई नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए कहा था, ‘मैं नीतीश कुमार को मानता हूं। उन्होंने बिहार को बनाया है। मैं उनका दीवाना हूं। उनके लिए 9 लोगों की कुर्बानी दी। गोली तक खाई।’ उन्होंने आगे कहा था कि, ‘लेकिन पार्टी में नीति है तो अब न्याय हो। मैं जब विधानसभा का चुनाव लड़ रहा था, तब नीरज ने क्या-क्या नहीं किया। तब पार्टी कहां थी? अगर नियम है तो सबके लिए बराबर हो। वरना पार्टी रहे या ना रहे, मैं किसी का कर्मचारी नहीं हूं।’ अनंत सिंह ने आरोप लगाया था कि नीरज कुमार ने चार विधानसभा चुनावों में उनका विरोध किया, लेकिन उस समय पार्टी ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया था कि अगर पार्टी में अनुशासन और नियम लागू होते हैं, तो वे सभी नेताओं पर समान रूप से लागू होने चाहिए। ललन सिंह से बातचीत के बाद भी नहीं बदला अनंत सिंह का रुख विवाद को खत्म कराने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह को दी गई थी। 5 अक्टूबर को अनंत सिंह से बातचीत के बाद ललन सिंह ने कहा था कि अनंत सिंह की कुछ शिकायतें हैं। ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह का कहना था कि जब वह विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे, तब उनके खिलाफ प्रचार किया गया था, लेकिन पार्टी ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। ललन सिंह ने माना था कि उस समय प्रदेश इकाई से चूक हुई थी। उन्होंने कहा था, कोई क्रिया होगी तो प्रतिक्रिया भी होगी। ललन सिंह ने बताया था कि उन्होंने अनंत सिंह से नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देने को कहा था और अनंत सिंह ने उनकी बात मानने की बात कही थी। हालांकि, इसके बाद भी अनंत सिंह का रुख नहीं बदला और वह जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करते रहे। बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ गई है। हार्ट की परेशानी के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में ICU में भर्ती कराया गया है। उन्हें सोमवार देर रात अस्पताल में एडमिट कराया गया है। नीरज कुमार पहले से ही हार्ट के मरीज रहे हैं। नीरज कुमार की तबीयत ऐसे समय बिगड़ी है, जब पटना स्नातक चुनाव में उन्हें अपनी ही पार्टी के विधायक अनंत सिंह के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अनंत सिंह खुलकर जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। वह नीरज कुमार के खिलाफ कई बार बयान दे चुके हैं। वहीं, नीरज कुमार भी बिना नाम लिए अनंत सिंह पर पलटवार कर चुके हैं। दोनों नेताओं के बीच विवाद की शुरुआत पुराने राजनीतिक विरोध और विधानसभा चुनाव के दौरान एक-दूसरे के खिलाफ प्रचार करने की शिकायतों से जुड़ी है। विवाद को खत्म कराने के लिए केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने भी हस्तक्षेप किया था, लेकिन अनंत सिंह ने नीरज कुमार के समर्थन में आने के बजाय अनुज सिंह का साथ देने का फैसला किया। अनंत सिंह और नीरज कुमार विवाद में बयानबाजी तेज नीरज कुमार बोले- मैं आपके बीच न्याय मांगने आया हूं, क्या मैं अपराधी हूं? गुरुवार को पटना के बाढ़ में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नीरज कुमार ने बिना नाम लिए अपने विरोधियों पर हमला बोला था। उन्होंने कहा, “मैं आपके बीच न्याय मांगने आया हूं। क्या मैं अपराधी हूं, गुंडा हूं? बार-बार मेरा चरित्र हनन किया जा रहा है। तीन बार विधान परिषद सदस्य रह चुके नीरज कुमार ने कहा, ‘मैं डरने वाला नहीं, अड़ने वाला हूं।’ चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने खुद को पीड़ित बताते हुए कहा कि वह हमेशा पार्टी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति ईमानदार रहे हैं। उन्होंने जनता से सवाल किया कि लोग उन्हें 30-40 साल से जानते हैं, ऐसे में उन्हें बताएं कि क्या वह अपराधी हैं। नीरज कुमार ने कहा, आप लोग मुझे 30-40 साल से जानते हैं। तो बताइए क्या मैं कोई अपराधी हूं? हाथ उठाकर बोलिए। क्या हम बोल्डर हैं? हम बदमाश हैं? हम किसी के खिलाफ कोई अपशब्द बोलते हैं?” उन्होंने कहा कि कोई उन्हें कितनी भी गाली दे, इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता। लेकिन नीतीश कुमार पर राजनीतिक या अनैतिक हमला वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। नीरज कुमार ने अपने विरोधियों को संदेश देते हुए कहा कि वह नीतीश कुमार पर हमला करने वालों को जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे। बोले- कभी कहते हैं ललन सिंह ने फंसाया, कभी लेसी सिंह ने नीरज कुमार ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कभी कहा जाता है कि ललन सिंह ने फंसाया, तो कभी कहा जाता है कि लेसी सिंह ने फंसाया। उन्होंने कहा, कोई किसी को नहीं फंसाता, उसके कर्म फंसाते हैं। मुझे कोई राजनीतिक संरक्षण नहीं मिला। जब मुझ पर आरोप लगा तो मैंने पुलिस को प्रमाण दिया।” बोले- मेरे साथ कार्यकर्ता हैं, बाहुबल नहीं जेडीयू कार्यालय में आयोजित बैठक में भी नीरज कुमार ने अपने विरोधियों को जवाब दिया था। उन्होंने था कहा कि कार्यकर्ताओं को बुलाने में उन्होंने एक रुपए खर्च नहीं किया है। उनके पास धनबल और बाहुबल नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं का साथ है। उन्होंने निशांत कुमार को बधाई देते हुए कहा कि वह अपने राजनीतिक जीवन में पिता का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ रहे हैं। नीरज कुमार ने कहा, मेरा सौभाग्य है कि निशांत ने सबसे पहले मेरा चुनावी सभा को संबोधित किया। अनंत सिंह बोले- नीतीश कुमार के लिए 9 लोगों की कुर्बानी दी, गोली तक खाई नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए कहा था, ‘मैं नीतीश कुमार को मानता हूं। उन्होंने बिहार को बनाया है। मैं उनका दीवाना हूं। उनके लिए 9 लोगों की कुर्बानी दी। गोली तक खाई।’ उन्होंने आगे कहा था कि, ‘लेकिन पार्टी में नीति है तो अब न्याय हो। मैं जब विधानसभा का चुनाव लड़ रहा था, तब नीरज ने क्या-क्या नहीं किया। तब पार्टी कहां थी? अगर नियम है तो सबके लिए बराबर हो। वरना पार्टी रहे या ना रहे, मैं किसी का कर्मचारी नहीं हूं।’ अनंत सिंह ने आरोप लगाया था कि नीरज कुमार ने चार विधानसभा चुनावों में उनका विरोध किया, लेकिन उस समय पार्टी ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया था कि अगर पार्टी में अनुशासन और नियम लागू होते हैं, तो वे सभी नेताओं पर समान रूप से लागू होने चाहिए। ललन सिंह से बातचीत के बाद भी नहीं बदला अनंत सिंह का रुख विवाद को खत्म कराने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह को दी गई थी। 5 अक्टूबर को अनंत सिंह से बातचीत के बाद ललन सिंह ने कहा था कि अनंत सिंह की कुछ शिकायतें हैं। ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह का कहना था कि जब वह विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे, तब उनके खिलाफ प्रचार किया गया था, लेकिन पार्टी ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। ललन सिंह ने माना था कि उस समय प्रदेश इकाई से चूक हुई थी। उन्होंने कहा था, कोई क्रिया होगी तो प्रतिक्रिया भी होगी। ललन सिंह ने बताया था कि उन्होंने अनंत सिंह से नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देने को कहा था और अनंत सिंह ने उनकी बात मानने की बात कही थी। हालांकि, इसके बाद भी अनंत सिंह का रुख नहीं बदला और वह जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करते रहे।

