अनूपपुर में महानवमी पर देवी मंदिरों से ज्वारा विसर्जन जुलूस निकाले गए। मढ़िया माई मंदिर से निकली शोभायात्रा में काली खप्पड़ नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। महिलाएं और युवतियां सिर पर ज्वारा कलश लेकर जुलूस में शामिल हुईं। जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मंदिर परिसर पहुंचा, जहां तालाब में ज्वारे विसर्जित किए गए। मढ़िया माई मंदिर से निकली शोभायात्रा मढ़िया माई मंदिर से निकला ज्वारा जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इसमें काली खप्पड़ नृत्य किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। महिलाएं और युवतियां सिर पर ज्वारा कलश लेकर नगर भ्रमण में शामिल हुईं। जुलूस मढ़िया मंदिर से निकलकर रेलवे स्टेशन चौराहा, आदर्श मार्ग, कोतवाली तिराहा और बस स्टैंड होते हुए वापस मंदिर पहुंचा। यहां तालाब में विधि-विधान से ज्वारा विसर्जित किया गया। चेतना नगर स्थित सिद्ध बाबा और खेर माई मंदिरों से भी ज्वारा जुलूस निकाले गए। ये जुलूस इंदिरा तिराहा और शहर के अन्य प्रमुख मार्गों से होते हुए चंदास नदी पहुंचे। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था ज्वारा विसर्जन जुलूसों के दौरान पुलिस प्रशासन का अमला तैनात रहा। भीड़ को देखते हुए कुछ मार्गों पर बाइक और साइकिल जैसे वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था की गई थी। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन हुआ पुजारियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोपहर 3 बजे से शुरू हुआ यह अनुष्ठान संध्या 8 बजे तक चला। इस पावन हवन में बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाओं ने मनोयोग से भाग लिया। श्रद्धालुओं ने मां भगवती की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना के साथ आहुतियां अर्पित कीं। इसके साथ ही भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

