चांदी के वर्क के नाम पर दूसरी धातु के इस्तेमाल का शक, लैब भेजा नमूना

चांदी के वर्क के नाम पर दूसरी धातु के इस्तेमाल का शक, लैब भेजा नमूना

फिरोजपुर| मल्लांवाला क्षेत्र में ट्रैक्टर के नीचे आने से एक चालक की मौत हो गई। हादसे में घायल चालक को पहले जीरा के सुखमनी अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदकोट रेफर कर दिया। हालांकि, फरीदकोट ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान गुरकमल सिंह के रूप में हुई है। गांव लोहके खुर्द स्थित जीजीएस एग्रो में ट्रैक्टर चालक के रूप में काम करता था। इस फर्म का मालिक मल्लांवाला निवासी दीपक कुमार बताया गया है। शिकायतकर्ता महल सिंह ने पुलिस को बताया कि 18 अक्टूबर को उन्हें फर्म के मुनीम मनजिंदर सिंह का फोन आया। उसने बताया कि गुरकमल सिंह ट्रैक्टर के नीचे आने से घायल हो गया है। इसके बाद उसे इलाज के लिए जीरा के सुखमनी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उसे फरीदकोट रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मल्लांवाला थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। भास्कर न्यूज | फिरोजपुर मिठाइयों पर लगाए जाने वाले चांदी के वर्क की शुद्धता को लेकर सवाल उठे हैं। फिरोजपुर में फूड सेफ्टी अधिकारी अभिनव खोसला ने कुछ दुकानों से कथित नकली चांदी का वर्क बरामद किया है। इसमें कौन-सी धातु मौजूद है और उसकी मात्रा कितनी है, इसकी पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी। त्योहारी सीजन और शादी-ब्याह के दौरान वर्क लगी मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में इस्तेमाल होने वाले वर्क की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। फूड सेफ्टी अधिकारी अभिनव कुमार के अनुसार, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मानकों के तहत खाद्य-ग्रेड चांदी के वर्क में कम से कम 999/1000 यानी 99.9 प्रतिशत शुद्ध चांदी होनी चाहिए। दवा विशेषज्ञ डॉ. जतिंदर कोछड़ के अनुसार, निकेल के संपर्क से कुछ लोगों को एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। एल्युमिनियम या अन्य धातुओं का अत्यधिक सेवन उनकी मात्रा और रासायनिक स्वरूप के आधार पर गुर्दों तथा दूसरे अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, जांच के बिना किसी विशेष मिठाई के सेवन से बीमारी होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

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