मामा साधु, भाई तेज प्रताप के घर पहुंचीं रोहिणी:क्या लालू परिवार में तेजस्वी के खिलाफ गोलबंदी हो रही, अकेले पड़ रहे, अंदरखाने की पूरी कहानी

मामा साधु, भाई तेज प्रताप के घर पहुंचीं रोहिणी:क्या लालू परिवार में तेजस्वी के खिलाफ गोलबंदी हो रही, अकेले पड़ रहे, अंदरखाने की पूरी कहानी

क्या लालू परिवार में सब ठीक है? तेजस्वी यादव के खिलाफ घर में गोलबंदी तो नहीं हो रही, क्या वह परिवार में अकेले पड़ रहे हैं? पॉलिटिकल सर्किल में इस तरह के सवाल खूब चर्चा में हैं। ऐसे सवाल क्यों पूछे जा रहे, सच्चाई क्या है, क्या ऐसा हो सकता है, इसी को डिकोड करेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सवाल-1ः तेजस्वी यादव क्या परिवार में अकेले पड़ रहे हैं? जवाबः फिलहाल इसका सीधा जवाब नहीं है। लेकिन बीते 18 दिनों यानी 1 अक्टूबर से 18 अक्टूबर के बीच की 3 घटनाएं इसकी तरफ इशारा जरूर कर रही हैं। संकेत-1ः रोहिणी आचार्य मामा साधु यादव के घर पहुंचीं करीब साढ़े 10 महीने बाद 1 अक्टूबर 2026 को लालू यादव की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य सिंगापुर से पटना पहुंचीं। पटना एयरपोर्ट पर उनको रिसीव करने पिता लालू यादव, मां राबड़ी देवी, बहन मीसा भारती पहुंचीं। दरअसल, इस मुलाकात को भले दोनों परिवार पारिवारिक बताए, लेकिन यह एक राजनीतिक घटना है। क्योंकि सालों बाद लालू परिवार का कोई सदस्य सार्वाजनिक रूप से साधु यादव से मिला। यहां तक लालू यादव की फैमिली 2009 के बाद से साधु यादव से पारिवारिक मांगलिक कार्यक्रम से भी दूर है। संकेत-2ः साधु बोले- रोहिणी ज्यादा काबिल, पार्टी अच्छे से संभाल सकती है रोहिणी आचार्य से मुलाकात के बाद साधु यादव ने अलग-अलग इंटरव्यू में कई बातें कही। इसमें उनके 3 बयान यह इशारा कर रहे हैं कि वह तेजस्वी से ज्यादा रोहिणी को पसंद करते हैं। उनकी कही गई बातों को पढ़िए… संकेत-3ः लालू यादव बेटियों संग तेज प्रताप के घर पहुंचे, तेजस्वी गायब शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर 18 अक्टूबर को RJD सुप्रीमो लालू यादव बेटी मीसा भारती और रोहिणी आचार्य के साथ तेज प्रताप यादव के घर पहुंचे। उन्होंने वहां दुर्गापूजा में हिस्सा लिया। इस दौरान तेजस्वी यादव नजर नहीं आए। दरअसल, यह पहला मौका नहीं है, जब तेजस्वी यादव परिवार के साथ नहीं दिखे हैं। रोहिणी आचार्य के पटना आने के बाद तेजस्वी यादव कभी भी पूरी फैमिली के साथ नहीं दिखे हैं। तेजस्वी पत्नी और बच्चों के साथ अपने सरकारी आवास पर रहते हैं। जबकि, लालू यादव कौटिल्य नगर वाले आवास पर बेटियों के साथ रहते हैं। इन दिनों लालू-राबड़ी अपनी बेटियों के साथ ही घूमते दिख रहे हैं। तेजस्वी यादव के साथ उनकी तस्वीरें कम आ रही है। राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों को लेकर तेजस्वी यादव अपने पिता के आवास पर गए थे। लेकिन रोहिणी के साथ उनकी तस्वीर सामने नहीं आई। सवाल-2ः इन संकेतों को तेजस्वी के खिलाफ गोलबंदी के तौर पर क्यों देखा जा रहा? जवाबः इसे समझने के लिए आपको नवंबर 2025 की घटना की तरफ लौटना होगा। 15 नवंबर 2025। बिहार विधानसभा चुनाव के रिजल्ट के अगले दिन रोहिणी आचार्य पटना एयरपोर्ट पर रोते हुए दिखीं। उन्होंने तब तेजस्वी यादव सहित उनके सलाहकारों पर अपमानित करके घर से निकालने का आरोप लगाया था। घर और पार्टी (RJD) छोड़कर सिंगापुर लौट गईं। तब रोहिणी आचार्य के समर्थन में कोई सामने नहीं आया था। उस वक्त साधु यादव खुलकर सामने आए। 16 नवंबर 2025 को साधु यादव ने कहा, ‘रोहिणी आचार्य उस घर की बेटी है और उसे अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। जो भी रोहिणी के साथ हुआ वह पूरी तरह से गलत हुआ है।’ 17 नवंबर 2025 को साधु यादव ने लालू प्रसाद यादव से सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘अगर लालू जी चाहते हैं कि परिवार और पार्टी बचे, तो तेजस्वी को नेता विरोधी दल के पद से तुरंत हटा दिया जाए। किसी सीनियर नेता को जिम्मेदारी दी जाए, जिससे तेजस्वी का अहंकार शांत हो।’ RJD की टॉप लीडरशिप में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव हैं। उन्हीं के चलते पार्टी और कैडर एकजुट है। सीनियर जर्नलिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘तेजस्वी यादव अगर IRCTC या नौकरी के बदले जमीन घोटाले में जेल जाते हैं तो पार्टी में टूट की संभावना बढ़ सकती है। क्योंकि परिवार के ही कुछ लोगों की नजर उस कुर्सी पर है।’ संजय सिंह कहते हैं, ‘तेजस्वी यादव पर जैसे ही संकट आएगा पार्टी पर कब्जा करने की कोशिश की जाएगी। उस परिस्थिति में साधु यादव की जरूरत रोहिणी आचार्य को पड़ सकती है।’ सवाल-3ः …तो क्या तेजस्वी पार्टी की कमान बहन को देंगे? जवाबः इसकी संभावना बहुत कम है। इसे ऐसे समझिए… क्या लालू परिवार में सब ठीक है? तेजस्वी यादव के खिलाफ घर में गोलबंदी तो नहीं हो रही, क्या वह परिवार में अकेले पड़ रहे हैं? पॉलिटिकल सर्किल में इस तरह के सवाल खूब चर्चा में हैं। ऐसे सवाल क्यों पूछे जा रहे, सच्चाई क्या है, क्या ऐसा हो सकता है, इसी को डिकोड करेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सवाल-1ः तेजस्वी यादव क्या परिवार में अकेले पड़ रहे हैं? जवाबः फिलहाल इसका सीधा जवाब नहीं है। लेकिन बीते 18 दिनों यानी 1 अक्टूबर से 18 अक्टूबर के बीच की 3 घटनाएं इसकी तरफ इशारा जरूर कर रही हैं। संकेत-1ः रोहिणी आचार्य मामा साधु यादव के घर पहुंचीं करीब साढ़े 10 महीने बाद 1 अक्टूबर 2026 को लालू यादव की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य सिंगापुर से पटना पहुंचीं। पटना एयरपोर्ट पर उनको रिसीव करने पिता लालू यादव, मां राबड़ी देवी, बहन मीसा भारती पहुंचीं। दरअसल, इस मुलाकात को भले दोनों परिवार पारिवारिक बताए, लेकिन यह एक राजनीतिक घटना है। क्योंकि सालों बाद लालू परिवार का कोई सदस्य सार्वाजनिक रूप से साधु यादव से मिला। यहां तक लालू यादव की फैमिली 2009 के बाद से साधु यादव से पारिवारिक मांगलिक कार्यक्रम से भी दूर है। संकेत-2ः साधु बोले- रोहिणी ज्यादा काबिल, पार्टी अच्छे से संभाल सकती है रोहिणी आचार्य से मुलाकात के बाद साधु यादव ने अलग-अलग इंटरव्यू में कई बातें कही। इसमें उनके 3 बयान यह इशारा कर रहे हैं कि वह तेजस्वी से ज्यादा रोहिणी को पसंद करते हैं। उनकी कही गई बातों को पढ़िए… संकेत-3ः लालू यादव बेटियों संग तेज प्रताप के घर पहुंचे, तेजस्वी गायब शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर 18 अक्टूबर को RJD सुप्रीमो लालू यादव बेटी मीसा भारती और रोहिणी आचार्य के साथ तेज प्रताप यादव के घर पहुंचे। उन्होंने वहां दुर्गापूजा में हिस्सा लिया। इस दौरान तेजस्वी यादव नजर नहीं आए। दरअसल, यह पहला मौका नहीं है, जब तेजस्वी यादव परिवार के साथ नहीं दिखे हैं। रोहिणी आचार्य के पटना आने के बाद तेजस्वी यादव कभी भी पूरी फैमिली के साथ नहीं दिखे हैं। तेजस्वी पत्नी और बच्चों के साथ अपने सरकारी आवास पर रहते हैं। जबकि, लालू यादव कौटिल्य नगर वाले आवास पर बेटियों के साथ रहते हैं। इन दिनों लालू-राबड़ी अपनी बेटियों के साथ ही घूमते दिख रहे हैं। तेजस्वी यादव के साथ उनकी तस्वीरें कम आ रही है। राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों को लेकर तेजस्वी यादव अपने पिता के आवास पर गए थे। लेकिन रोहिणी के साथ उनकी तस्वीर सामने नहीं आई। सवाल-2ः इन संकेतों को तेजस्वी के खिलाफ गोलबंदी के तौर पर क्यों देखा जा रहा? जवाबः इसे समझने के लिए आपको नवंबर 2025 की घटना की तरफ लौटना होगा। 15 नवंबर 2025। बिहार विधानसभा चुनाव के रिजल्ट के अगले दिन रोहिणी आचार्य पटना एयरपोर्ट पर रोते हुए दिखीं। उन्होंने तब तेजस्वी यादव सहित उनके सलाहकारों पर अपमानित करके घर से निकालने का आरोप लगाया था। घर और पार्टी (RJD) छोड़कर सिंगापुर लौट गईं। तब रोहिणी आचार्य के समर्थन में कोई सामने नहीं आया था। उस वक्त साधु यादव खुलकर सामने आए। 16 नवंबर 2025 को साधु यादव ने कहा, ‘रोहिणी आचार्य उस घर की बेटी है और उसे अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। जो भी रोहिणी के साथ हुआ वह पूरी तरह से गलत हुआ है।’ 17 नवंबर 2025 को साधु यादव ने लालू प्रसाद यादव से सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘अगर लालू जी चाहते हैं कि परिवार और पार्टी बचे, तो तेजस्वी को नेता विरोधी दल के पद से तुरंत हटा दिया जाए। किसी सीनियर नेता को जिम्मेदारी दी जाए, जिससे तेजस्वी का अहंकार शांत हो।’ RJD की टॉप लीडरशिप में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव हैं। उन्हीं के चलते पार्टी और कैडर एकजुट है। सीनियर जर्नलिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘तेजस्वी यादव अगर IRCTC या नौकरी के बदले जमीन घोटाले में जेल जाते हैं तो पार्टी में टूट की संभावना बढ़ सकती है। क्योंकि परिवार के ही कुछ लोगों की नजर उस कुर्सी पर है।’ संजय सिंह कहते हैं, ‘तेजस्वी यादव पर जैसे ही संकट आएगा पार्टी पर कब्जा करने की कोशिश की जाएगी। उस परिस्थिति में साधु यादव की जरूरत रोहिणी आचार्य को पड़ सकती है।’ सवाल-3ः …तो क्या तेजस्वी पार्टी की कमान बहन को देंगे? जवाबः इसकी संभावना बहुत कम है। इसे ऐसे समझिए…  

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