चीन ने सोमवार को सुरंग खोदने वाली मशीनों समेत प्रमुख मशीनरी के निर्यात पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की। इस कदम से भारत में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि ये प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के उद्देश्य से लगाए गए हैं, जो 18 नवंबर से लागू होंगे।
सुरंग खोदने वाली मशीनों (टीबीएम) और उनसे संबंधित उपकरणों के निर्यात पर पाबंदियों से भारत की कई परियोजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। इनमें भूमिगत मेट्रो नेटवर्क, तेज गति वाली रेल लाइन और सीमावर्ती क्षेत्रों समेत विभिन्न स्थानों पर सुरंग निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं। चीन ने हाल के वर्षों में भारत को टीबीएम के निर्यात पर रोक लगाई है।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 2024 में जर्मनी के वाइस चांसलर से कहा था कि बीजिंग चीन में टीबीएम बनाने वाली एक जर्मन कंपनी को भारत में इन मशीनों के निर्यात की अनुमति नहीं दे रहा है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय की घोषणा के अनुसार, नए प्रतिबंधों के दायरे में चलने में सक्षम खुदाई मशीनें और ऊंचे पठारी इलाकों में इस्तेमाल होने वाली गीले मिश्रण के छिड़काव की मशीनें भी शामिल हैं। घोषणा के अनुसार, चीन ने कुछ निर्धारित तकनीकी मानकों को पूरा करने वाले ड्रेजर से संबंधित उपकरणों के निर्यात नियंत्रण में भी बदलाव किए हैं।
इससे पहले शुक्रवार को चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कृत्रिम मेधा (एआई), जैव प्रौद्योगिकी और सौर ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों की 14 प्रौद्योगिकियों के निर्यात पर नए प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पेश किया था। प्रस्तावित प्रतिबंधों का वैश्विक प्रौद्योगिकी प्रतिस्पर्धा पर महत्वपूर्ण असर पड़ सकता है, खासकर उन देशों पर जो चीन की एआई प्रौद्योगिकी पर निर्भर हैं। सोमवार की घोषणा के तहत संबंधित वस्तुओं के निर्यातकों को चीन के निर्यात नियंत्रण कानून और दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के निर्यात नियंत्रण संबंधी नियमों के तहत वाणिज्य मंत्रालय से लाइसेंस लेना होगा।
निर्यातकों को नियंत्रित वस्तुओं की सही पहचान कर सीमा शुल्क संबंधी घोषणाओं में उनके दोहरे उपयोग वाले निर्यात नियंत्रण कोड का उल्लेख भी करना होगा। चीन के सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ के अनुसार, जिन वस्तुओं पर निर्यात नियंत्रण लागू नहीं है, लेकिन जिनकी तकनीकी विशेषताएं या प्रदर्शन नियंत्रित वस्तुओं के समान हैं, उनके निर्यातकों को अपनी घोषणा के समर्थन में विस्तृत तकनीकी जानकारी देनी होगी।

