भगवान श्रीराम की लीला में रावण वध के लिए पुतले बनाने की जिम्मेदारी अलीगढ़ में तीन पीढ़ियों से एक मुस्लिम परिवार निभा रहा है। शहर के दशहरा आयोजन के लिए बरौली निवासी जाकिर हुसैन ने इस बार 75 फीट ऊंचा रावण, 65 फीट का कुंभकर्ण और 60 फीट का मेघनाद तैयार किया है। उनके दादा और पिता भी पुतले बनाते थे। अब तीसरी पीढ़ी के रूप में जाकिर इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले अलीगढ़ में यह परिवार धार्मिक आयोजन से जुड़कर सामाजिक सौहार्द और आपसी सहयोग की मिसाल पेश कर रहा है।
मंगलवार को अचलताल स्थित रामलीला मैदान से भगवान श्रीरामचंद्र की सिंहासन शोभायात्रा निकलेगी। विभिन्न झांकियों और बैंड-बाजे के साथ यात्रा नुमाइश मैदान पहुंचेगी, जहां राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद पुतलों का दहन होगा। हर साल इस आयोजन को देखने के लिए करीब 40 हजार लोग पहुंचते हैं। इस बार भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, बैरिकेडिंग, पार्किंग और यातायात के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
साढ़े चार लाख में बने तीन पुतले, 12 शहरों तक पहुंचता है हुनर
बरौली निवासी जाकिर हुसैन को अलीगढ़ के मुख्य दशहरा आयोजन के लिए तीनों पुतले बनाने का करीब 4.5 लाख रुपये का ठेका मिला है। जाकिर बताते हैं कि उनके दादा और पिता भी इसी काम से जुड़े थे। उनके बाद उन्होंने पारिवारिक परंपरा को संभाला है। अब वह अलीगढ़ के साथ दूसरे शहरों के दशहरा आयोजनों के लिए भी पुतले बनाते हैं।
जाकिर के मुताबिक, बुलंदशहर, खुर्जा, हापुड़, गाजियाबाद और दिल्ली समेत करीब 12 शहरों के लिए बड़े पुतले बनाकर भेज चुके हैं। शहर की गली-मोहल्लों की रामलीलाओं के लिए भी छोटे पुतले तैयार कर रहे हैं। अब तक करीब 10 ऑर्डर मिल चुके हैं। पांच फीट तक के पुतले भी बनाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, बुलंदशहर जिले के दानपुर में पुतले बनाने वाला एक अन्य परिवार इस बार मुखिया के निधन के बाद काम नहीं कर रहा है। जाकिर अपने परिवार के साथ नुमाइश मैदान परिसर में ही पुतले तैयार करने और ऑर्डर लेने का काम कर रहे हैं।
दोपहर एक बजे निकलेगी शोभायात्रा, शाम को रावण वध
श्रीरामलीला गौशाला कमेटी के तत्वावधान में अचलताल रामलीला मैदान से दोपहर करीब एक बजे सिंहासन शोभायात्रा शुरू होगी। यात्रा आर्य समाज रोड, मदार गेट चौराहा, गांधीपार्क, मामूभांजा और मीरुमल चौराहा होते हुए आगे बढ़ेगी। मामूभांजा स्थित श्री राधामोहन मंदिर से काली जी की सवारी भी शोभायात्रा में शामिल होगी। इसके बाद यात्रा पत्थर बाजार, बारहद्वारी, रघुवीरपुरी और नई तहसील के सामने से होते हुए नुमाइश मैदान पहुंचेगी।
यातायात पुलिस के कार्यक्रम संबंधी विवरण के अनुसार, शोभायात्रा के शाम करीब छह बजे मैदान पहुंचने का कार्यक्रम है। यहां राम-रावण युद्ध का मंचन होगा और उसके बाद रावण वध किया जाएगा। इसके बाद भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता आदि के डोले मसूदाबाद जीटी रोड होते हुए वापस अचलताल रामलीला मैदान पहुंचेंगे। शोभायात्रा में करीब 70 से 80 झांकियां शामिल होने का प्रस्ताव है।
40 हजार तक की भीड़, एंटी-सबोटाज जांच के बाद सील होगा मैदान
नुमाइश मैदान में दशहरे पर मेले जैसा माहौल रहता है। बच्चों, महिलाओं और पुरुषों समेत हजारों लोग रावण दहन देखने पहुंचते हैं। इसे देखते हुए मैदान में बैरिकेडिंग की जा रही है। मंच सजाने के साथ अतिथियों के बैठने के लिए पंडाल तैयार किया जा रहा है।
एसपी सिटी आदित्य बंसल के नेतृत्व में सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। आयोजन से पहले एंटी-सबोटाज चेकिंग कराई जाएगी। इसके बाद मैदान को चारों ओर से सील कर दिया जाएगा। मंगलवार को जांच के बाद ही लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। डीएम अविनाश कुमार और एसएसपी नीरज जादौन ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम में डीएम, एसएसपी, डीआईजी, कमिश्नर, मेयर, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के निर्देश पर मैदान परिसर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जा रही है। सुरक्षा के साथ साफ-सफाई और लोगों की आवाजाही सुचारु रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
शहर में भारी वाहनों की नो-एंट्री, कई रास्तों पर डायवर्जन
एसपी यातायात प्रवीण कुमार के निर्देशन में दशहरा आयोजन को लेकर यातायात योजना लागू की गई है। दोपहर एक बजे से शोभायात्रा समाप्त होने तक बाहरी डायवर्जन रहेगा। बोनेर तिराहा, एटा चुंगी, भांकरी पुल, खैरेश्वर चौराहा, पुराना मथुरा पुल, सारसौल, बरौला पुल और क्वार्सी की ओर से आने वाले भारी व व्यावसायिक वाहनों के साथ रोडवेज और निजी बसों को निर्धारित स्थानों से डायवर्ट किया जाएगा। मथुरा, इगलास, आगरा, हाथरस, अनूपशहर और जवां की ओर से शहर में आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं।
शाम चार बजे से रावण दहन कार्यक्रम समाप्त होने तक नुमाइश मैदान की ओर आने वाले वाहनों पर आंतरिक प्रतिबंध रहेगा। कंपनीबाग, रसालगंज, मसूदाबाद, शहंशाह तिराहा, ब्लूवर्ड स्कूल, तस्वीर महल, गूलर रोड नगर निगम वर्कशॉप, आईटीआई कॉलेज और जेल पुल की ओर से आने वाले वाहनों को रोका जाएगा। शोभायात्रा के गुजरने के दौरान अचलताल, दुबे पड़ाव, मदार गेट, कंपनीबाग, मीरुमल, बारहद्वारी और रघुवीरपुरी समेत संबंधित मार्गों पर भी जरूरत के अनुसार यातायात रोका या डायवर्ट किया जाएगा। यहां खड़े कर सकेंगे वाहन
रसालगंज की ओर से आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग मसूदाबाद बस अड्डे पर होगी। सारसौल की ओर से आने वालों के लिए शहंशाह तिराहे स्थित एनसीसी मैदान और नुमाइश मैदान के पीछे सिंचाई विभाग ट्यूबवेल कॉलोनी में पार्किंग रहेगी। बारहद्वारी और होली चौक की ओर से आने वाले वाहन नगर निगम वर्कशॉप के बराबर खाली मैदान में खड़े किए जा सकेंगे। तस्वीर महल की ओर से आने वालों के लिए कलेक्ट्रेट-दीवानी की तरफ सड़क किनारे और बरौला पुल की ओर से आने वालों के लिए आईटीआई कॉलेज मैदान निर्धारित किया गया है। वीआईपी वाहनों के लिए भी अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
यातायात पुलिस के अनुसार, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्रतिबंधों से छूट रहेगी। प्रशासन की कोशिश है कि दशहरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों को सुरक्षा, पार्किंग और यातायात संबंधी परेशानी न हो।

