विजयादशमी पर 20 अक्टूबर को गांधी मैदान में होने वाला रावण वध समारोह इस बार पहले से अधिक भव्य होगा। इस साल यहां अब तक का सबसे ऊंचा 90 फीट रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। वहीं, मेघनाद का 85 फीट और कुंभकर्ण का 80 फीट ऊंचा पुतला बनाया जा रहा है। तीनों पुतलों को विशेष तकनीक और आकर्षक सजावट के साथ तैयार किया जा रहा है। दहन के दौरान रावण की आंखों से अंगारे, मुंह से शोले और कानों-कंधों से रंगीन धुआं निकलता दिखाई देगा। लाइट एंड साउंड इफेक्ट्स के जरिए रावण के अट्टहास का दृश्य भी दिखाया जाएगा। श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट की ओर से इसका आयोजन किया जाएगा। गांधी मैदान में तैयारियों की तस्वीर… राजस्थानी थीम में दिखेगा रावण पुतलों को साउथ इंडियन स्टाइल और राजस्थानी थीम के परिधानों से सजाया जा रहा है। इस बार रावण का पुतला पिछले साल की तुलना में 10 फीट ऊंचा होगा। पिछले वर्ष रावण 80 फीट, कुंभकर्ण 75 फीट और मेघनाद 70 फीट के थे। इस बार तीनों पुतलों की ऊंचाई बढ़ाई गई है। इनके निर्माण की जिम्मेदारी आगरा से आए अनुभवी कारीगरों को दी गई है। आंधी-बारिश में भी पुतलों को सुरक्षित रखने की तैयारी गांधी मैदान में पुतलों को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। इन्हें सोमवार तक खड़ा करने की तैयारी है। निर्माण कार्य में जुटे कारीगर के अनुसार, पुतलों को मजबूती देने के लिए 60-60 फीट की लोहे की सीढ़ियों का सहारा लिया जा रहा है, ताकि तेज हवा और बारिश के दौरान संरचना को नुकसान से बचाया जा सके। दोपहर 2 बजे निकलेगी श्रीराम की शोभायात्रा रावण वध समारोह से पहले दोपहर 2 बजे नागाबाबा ठाकुरबाड़ी से भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाली जाएगी। गाजे-बाजे के साथ निकलने वाली इस यात्रा में रथ पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ वानर सेना की झांकी रहेगी। शोभायात्रा शाम 4 बजे तक गांधी मैदान पहुंचेगी। इसके बाद अशोक वाटिका प्रसंग और लंका दहन की सजीव प्रस्तुति होगी। दिल्ली के सांस्कृतिक कला संगम के कलाकार रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन करेंगे। शाम 4 बजे से रावण वध कार्यक्रम शुरू होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन होगा। आतिशबाजी भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगी। सुरक्षा के लिए 120 से अधिक सीसीटीवी कैमरे समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है। गांधी मैदान में 120 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। महिलाओं और पुरुषों के बैठने के लिए अलग-अलग दीर्घाएं बनाई जाएंगी। दर्शकों की सुविधा के लिए मैदान में विभिन्न स्थानों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी रहेगी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भीड़ को आसानी से बाहर निकालने के लिए गांधी मैदान के सभी 12 गेट खोल दिए जाएंगे। इससे लोगों को एक ही निकास द्वार पर जमा होने से बचाने और सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने में मदद मिलेगी। विजयादशमी पर 20 अक्टूबर को गांधी मैदान में होने वाला रावण वध समारोह इस बार पहले से अधिक भव्य होगा। इस साल यहां अब तक का सबसे ऊंचा 90 फीट रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। वहीं, मेघनाद का 85 फीट और कुंभकर्ण का 80 फीट ऊंचा पुतला बनाया जा रहा है। तीनों पुतलों को विशेष तकनीक और आकर्षक सजावट के साथ तैयार किया जा रहा है। दहन के दौरान रावण की आंखों से अंगारे, मुंह से शोले और कानों-कंधों से रंगीन धुआं निकलता दिखाई देगा। लाइट एंड साउंड इफेक्ट्स के जरिए रावण के अट्टहास का दृश्य भी दिखाया जाएगा। श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट की ओर से इसका आयोजन किया जाएगा। गांधी मैदान में तैयारियों की तस्वीर… राजस्थानी थीम में दिखेगा रावण पुतलों को साउथ इंडियन स्टाइल और राजस्थानी थीम के परिधानों से सजाया जा रहा है। इस बार रावण का पुतला पिछले साल की तुलना में 10 फीट ऊंचा होगा। पिछले वर्ष रावण 80 फीट, कुंभकर्ण 75 फीट और मेघनाद 70 फीट के थे। इस बार तीनों पुतलों की ऊंचाई बढ़ाई गई है। इनके निर्माण की जिम्मेदारी आगरा से आए अनुभवी कारीगरों को दी गई है। आंधी-बारिश में भी पुतलों को सुरक्षित रखने की तैयारी गांधी मैदान में पुतलों को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। इन्हें सोमवार तक खड़ा करने की तैयारी है। निर्माण कार्य में जुटे कारीगर के अनुसार, पुतलों को मजबूती देने के लिए 60-60 फीट की लोहे की सीढ़ियों का सहारा लिया जा रहा है, ताकि तेज हवा और बारिश के दौरान संरचना को नुकसान से बचाया जा सके। दोपहर 2 बजे निकलेगी श्रीराम की शोभायात्रा रावण वध समारोह से पहले दोपहर 2 बजे नागाबाबा ठाकुरबाड़ी से भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाली जाएगी। गाजे-बाजे के साथ निकलने वाली इस यात्रा में रथ पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ वानर सेना की झांकी रहेगी। शोभायात्रा शाम 4 बजे तक गांधी मैदान पहुंचेगी। इसके बाद अशोक वाटिका प्रसंग और लंका दहन की सजीव प्रस्तुति होगी। दिल्ली के सांस्कृतिक कला संगम के कलाकार रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन करेंगे। शाम 4 बजे से रावण वध कार्यक्रम शुरू होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन होगा। आतिशबाजी भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगी। सुरक्षा के लिए 120 से अधिक सीसीटीवी कैमरे समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है। गांधी मैदान में 120 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। महिलाओं और पुरुषों के बैठने के लिए अलग-अलग दीर्घाएं बनाई जाएंगी। दर्शकों की सुविधा के लिए मैदान में विभिन्न स्थानों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी रहेगी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भीड़ को आसानी से बाहर निकालने के लिए गांधी मैदान के सभी 12 गेट खोल दिए जाएंगे। इससे लोगों को एक ही निकास द्वार पर जमा होने से बचाने और सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने में मदद मिलेगी।

