एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 4.7 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 19,510 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। इस दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय 9.7 फीसदी बढ़कर 34,619 करोड़ रुपये पहुंच गई। बाजार के जानकारों के सर्वे में शुद्ध मुनाफा 19,567 करोड़ रुपये और शुद्ध ब्याज आय 34,861 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था। यानी बैंक के नतीजे मोटे तौर पर बाजार की उम्मीदों के करीब रहे हैं।
बैंक की संपत्ति की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है। सितंबर तिमाही में सकल एनपीए का अनुपात घटकर 1.11 फीसदी रह गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 1.17 फीसदी था। वहीं, बैंक के कुल कर्ज में सालाना आधार पर 16.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, मुनाफे की धीमी बढ़ोतरी, ब्याज से होने वाली कमाई पर दबाव और कर्ज विस्तार को लेकर कुछ सवाल बने हुए हैं।
बर्नस्टीन ने एचडीएफसी बैंक पर अपनी बेहतर प्रदर्शन की राय कायम रखते हुए शेयर का लक्ष्य मूल्य 1,150 रुपये रखा है। इसके मुताबिक, शुक्रवार के बंद भाव से शेयर में करीब 58 फीसदी की बढ़त संभव है। कंपनी ने माना कि बैंक की संपत्ति पर कमाई का अनुपात घटकर 1.8 फीसदी रह गया है, लेकिन लागत पर नियंत्रण, शुद्ध ब्याज आय में अच्छी बढ़ोतरी और संपत्ति की बेहतर गुणवत्ता सकारात्मक संकेत हैं।
जेपी मॉर्गन ने भी बैंक पर अपनी सकारात्मक राय बनाए रखी है, लेकिन लक्ष्य मूल्य 990 रुपये से घटाकर 970 रुपये कर दिया है। इसके अनुसार, शेयर में करीब 33 फीसदी की तेजी की गुंजाइश है। बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन पिछली तिमाही के मुकाबले 10 आधार अंक घटकर 3.30 फीसदी रहा। विदेशी मुद्रा गैर-निवासी जमा यानी एफसीएनआर जमा का भी इस पर असर पड़ा। इसके अलावा, बैंक का तरलता कवरेज अनुपात घटकर 113 फीसदी रहने से कर्ज बढ़ाने की गुंजाइश पर दबाव की आशंका जताई गई है।
सिटी ने खरीदारी की सलाह जारी रखते हुए लक्ष्य मूल्य 970 रुपये से घटाकर 880 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, शेयर में करीब 21 फीसदी की बढ़त संभव है। उसने ब्याज मार्जिन में कमी, बैंकिंग क्षेत्र की तुलना में धीमी बढ़ोतरी और सीमित तरलता पर चिंता जताई है। हालांकि, शुल्क से होने वाली आय और संपत्ति की बेहतर गुणवत्ता को सकारात्मक बताया गया है। नेतृत्व में बदलाव के दौरान कामकाज को लेकर भी जोखिम बताया गया है।
जेफरीज ने 880 रुपये के लक्ष्य मूल्य के साथ खरीदारी की सलाह दी है। उसका मानना है कि बेहतर खुदरा जमा, कर्ज के संतुलित बंटवारे और ज्यादा ब्याज वाले कर्ज से मुनाफे को सहारा मिल सकता है। नोमुरा ने 940 रुपये का लक्ष्य रखा है और जमा बढ़ाने को अहम बताया है। गोल्डमैन सैक्स ने 861 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदारी की राय कायम रखी है। उसने शुद्ध ब्याज मार्जिन में उम्मीद से ज्यादा गिरावट का जिक्र किया, लेकिन बैंक की मुख्य आय में सुधार को सकारात्मक माना है।
गौरतलब है कि अलग-अलग ब्रोकरेज के लक्ष्य मूल्य इस बात का संकेत देते हैं कि बैंक के भविष्य को लेकर उम्मीदें बनी हुई हैं, लेकिन जोखिम भी खत्म नहीं हुए हैं। निवेशकों के लिए शेयर का फैसला लेते समय बैंक की कमाई, जमा जुटाने की क्षमता, ब्याज मार्जिन और कर्ज की गुणवत्ता पर नजर रखना जरूरी है। ब्रोकरेज के लक्ष्य अनुमान हैं, इसलिए वास्तविक शेयर भाव में उतार-चढ़ाव संभव है।

