खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने अनार के जूस के लेबल पर भ्रामक दावे के मामले में स्टोरिया फूड्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ ‘न्यायनिर्णय’ की कार्यवाही को मंजूरी दी है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि स्टोरिया जूस (अनार) में चार प्रतिशत अनार का गाढ़ा रस और 12 प्रतिशत सेब का गाढ़ा रस है, लेकिन इसके नाम और तस्वीर से उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक संरचना के बारे में गलत धारणा हो सकती है। नियामक ने कहा कि उत्पाद के लेबल पर यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया था कि जूस गाढ़े रस से दोबारा तैयार किया गया है, जबकि संबंधित नियमों के तहत ऐसा करना जरूरी है।
इसके अलावा, उत्पाद पर किया गया ‘100 प्रतिशत फलों के जूस के बराबर (दोबारा तैयार किया गया)’ का दावा भी संबंधित परामर्श के अनुरूप नहीं पाया गया। पैकेट के सामने ‘अतिरिक्त चीनी नहीं’ का दावा प्रमुखता से लिखा गया था, जबकि पीछे ‘फलों में प्राकृतिक रूप से मौजूद चीनी शामिल है’ की जानकारी कम प्रमुखता से दी गई थी। एफएसएसएआई ने इसे उपभोक्ताओं के लिए भ्रामक बताया।
नियामक ने कहा कि लेबल पर दी गई जानकारियां और दावे संबंधित खाद्य सुरक्षा नियमों का कथित उल्लंघन करते पाए गए। उत्पाद का निरीक्षण और नमूना लेने के साथ लेबल की जांच की गई। सक्षम प्राधिकरण को कंपनी का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं लगा।
इसके बाद एफएसएसएआई के सक्षम प्राधिकरण ने कंपनी के खिलाफ न्यायनिर्णय की कार्यवाही को मंजूरी दे दी। एक अन्य पोस्ट में नियामक ने बताया कि क्रैनबेरी अर्क उत्पाद पर भ्रामक दावे करने के मामले में हेल्दीहे फूड्स एलएलपी को नोटिस जारी किया गया है। बेकलाइट फूड प्रोसेसिंग को उसके उत्पाद ‘पुनेरी क्रीम रोल’ के लेबल और विज्ञापन में भ्रामक दावे करने के मामले में भी नोटिस दिया गया है।
एफएसएसएआई ने बीएमएस लाइफसाइंस को उसके उत्पाद ‘एचएओजी का क्रैनबेरी यूरिनरी ट्रैक्ट हेल्थ कैप्सूल’ पर भ्रामक दावे करने के मामले में भी नोटिस जारी किया है। नियामक के अनुसार, इस उत्पाद का विपणन और वितरण समाप्त हो चुके पंजीकरण प्रमाणपत्र के तहत भी किया जा रहा है।

