शवों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है। चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम 7.30 बजे बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। घायल हुए 25 में से 14 लोगों का महानगर के एक निजी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े पर्व दुर्गा पूजा की महासप्तमी की शाम हादसे ने सभी को झकझोर दिया है। मां दुर्गा के दरबार में मातम के बाद राज्य प्रशासन ने हादसे की जांच तेज कर दी है। दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में अभी तक 19 लोगों की जान गई है। पुलिस ने आयोजक समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार है। घायल 14 का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें 3 आईसीयू में भर्ती है। राज्य सरकार किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं है।
गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
पुलिस ने उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के सिलसिले में पूजा आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि हादसे में 19 लोगों की मौत हुई है और 25 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने घटना की जांच के सिलसिले में शनिवार रात 14 लोगों को हिरासत में लिया था। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी ने कहा कि हमने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये उन 14 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें हिरासत में लिया गया था। कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, शवों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है। चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम 7.30 बजे बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। घायल हुए 25 में से 14 लोगों का महानगर के एक निजी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इन 14 लोगों में से तीन को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया है और एक की हालत गंभीर है।
मामले में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई तेज
कोलकाता पुलिस ने घटना की जांच करते हुए मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद की गई, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का कथित तौर पर निर्वाह नहीं किया। एक अधिकारी ने बताया कि हमने चोरबागान की घटना की जांच के सिलसिले में 12 लोगों को हिरासत में लिया है। हमारे अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि दुर्घटना किन कारणों से हुई। यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो हम कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे।
किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं है सरकार
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि घटना की जांच कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता वाला विशेष जांच दल (एसआईटी) करेगा। उन्होंने कहा कि एसआईटी में विशेष कार्य बल (एसटीएफ), अपराध जांच विभाग (सीआईडी) और अन्य विभागों के सदस्य शामिल होंगे। कोलकाता पुलिस के एंटी-राउडी सेक्शन (एआरएस) ने घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए हैं। अधिकारी ने कहा, हम फुटेज की जांच करेंगे और भीड़ को नियंत्रित करने में नाकाम रहने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे। वह कोई भी हो सकता है। पूजा समिति का कोई सदस्य, होमगार्ड, अस्थायी कर्मचारी, पुलिसकर्मी या किसी निजी कंपनी का कोई सुरक्षा गार्ड हो सकता है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
घायलों से अस्पताल जाकर मिले अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार सुबह उस अस्पताल पहुंचे, जहां घायल हुए 14 लोगों का इलाज किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु भी शाह के साथ थे।राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि शाह ने चिकित्सकों से बात की और घायलों के इलाज की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने घायलों से भी बातचीत की। इससे पहले शाह ने रविवार सुबह कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर अस्पताल पहुंचे।पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर आए शाह ने इस हादसे के बाद दुर्गा पूजा पंडालों में जाने के अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए थे। शाह पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को कोलकाता पहुंचे थे।

