नोएडा स्थित एक कंपनी के अकाउंटेंट ने ऑनलाइन गेम खेल कर मोटी रकम कमाने के लालच में कथित तौर पर कंपनी के खाते से 50 लाख रुपये साइबर अपराधियों के खाते में हस्तांतरित कर दिए। कंपनी के मालिक की शिकायत पर पुलिस ने अकाउंटेंट के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने बताया कि टुकडिया लखमन ने शनिवार रात साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, सेक्टर 80 स्थित उनकी कंपनी कॉरपोरेट उपहार और ‘हाउसकीपिंग’ का काम करती है। कंपनी के दोनों बैंक खातों की देखरेख के लिए पीयूष मिश्रा को अकाउंटेंट नियुक्त किया गया था। शिकायत के मुताबिक, पीयूष को ऑनलाइन गेम खेलकर अधिक लाभ कमाने का प्रस्ताव मिला था।
इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद उसने एक सितंबर 2025 से एक अक्टूबर 2026 के बीच गेमिंग ऐप में रकम लगाने के लिए कंपनी के दोनों बैंक खातों से 50 लाख रुपये हस्तांतरित कर दिए। कंपनी के मालिक ने अकाउंटेंट पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि साइबर अपराध के एक अन्य मामले में सेक्टर 78 निवासी मनीषा शर्मा ने शनिवार रात शिकायत दर्ज कराई अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनसे ऑनलाइन शेयर बाजार में निवेश के नाम पर संपर्क किया और अलग-अलग मौकों पर विभिन्न बैंक खातों में कुल छह लाख 50 हजार रुपये हस्तांतरित करवा लिए। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, अपर पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा) मनीषा सिंह ने बताया कि साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने उपलब्ध कराने के आरोप में साइबर अपराध थाना पुलिस ने 21 वर्षीय मोम्मद समीर नामक युवक को गिरफ्तार किया है।
म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया जाता है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में आरोपी के तीन अन्य साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बिहार, हरियाणा, केरल, दिल्ली, गुजरात, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, झारखंड और कर्नाटक समेत 13 राज्यों में 33 से अधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस मामले की जांच कर रही है।

