इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में सजा काट रहे कृष्ण कुमार पांडेय को आपराधिक अपील पर सुनवाई होने तक जमानत दे दी। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने आपराधिक अपील में सजा निलंबन की अर्जी मंजूर की। क्या है मामला जानिये अपीलकर्ता को थाना थरवई, जिला प्रयागराज में दर्ज आपराधिक मामले में सत्र अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया था। उसने सजा के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान जमानत की मांग की थी। अपीलकर्ता के अधिवक्ता का कहना है कि वह सात साल से अधिक की वास्तविक कैद काट चुका है और इस मामले के अलावा उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। यह अपील 2024 की है और निकट भविष्य में इसकी सुनवाई की संभावना नहीं है। इसलिए जमानत पर रिहा किया जाए। सरकारी वकील ने कड़ा विरोध किया अपर शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का कड़ा विरोध किया, लेकिन बचाव पक्ष की इन दलीलों का खंडन नहीं कर सके। पीठ ने कहा कि हर दिन दो सौ से अधिक आपराधिक अपीलें सूचीबद्ध होती हैं और सभी का गुण-दोष पर निर्णय करना मानवीय रूप से संभव नहीं है। इस अपील की निकट भविष्य में सुनवाई की संभावना भी बहुत कम है। इन आधारों पर और सुप्रीम कोर्ट के मदन सिंह केस के फैसले को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने सशर्त जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने कार्यालय को छह सप्ताह के भीतर पेपर बुक तैयार कराने का निर्देश दिया और अपील को उचित समय पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।

