प्रयागराज में सरकारी कुर्कशुदा और शत्रु संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीनों पर कब्जा करने के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद अशरफ सिद्दीकी उर्फ अशरफ हरवारा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। एयरपोर्ट थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना कर रही SIT ने शनिवार को उसे मोहिनी चौराहे से रहिमाबाद जाने वाले रास्ते से पकड़ा। अशरफ माफिया अतीक अहमद के शूटर गुलफुल प्रधान का दामाद है। इस मामले में विवेचना में तेजी लाने और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर वादी नफीस आलम ने दिसंबर 2025 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर प्रयागराज के अपर पुलिस आयुक्त ने तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर विवेचना उसे सौंप दी थी। टीम में फाफामऊ थानाध्यक्ष और दो दरोगाओं को शामिल किया गया था, जबकि एसीपी सिविल लाइंस विद्युत गोयल को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया था। विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसआईटी ने शनिवार को अशरफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। प्रयागराज और कौशांबी में 17 मुकदमे दर्ज
करीब 47 वर्षीय अशरफ पुत्र मकबूल अहमद हरवारा, थाना धूमनगंज का निवासी है। वह धूमनगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ प्रयागराज और कौशांबी में कुल 17 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें दो मुकदमे हत्या से संबंधित हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, जमीन पर कब्जे, मारपीट, धमकी और रंगदारी जैसे मामलों में भी मुकदमे दर्ज हैं। अशरफ के खिलाफ वर्ष 2019 में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी। उसे भूमाफिया भी घोषित किया जा चुका है। शत्रु संपत्ति के फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, अशरफ पर सरकारी कुर्कशुदा और शत्रु संपत्ति के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी के जरिए जमीनों पर अवैध कब्जा करने का आरोप है। इसी मामले में वर्ष 2023 में एयरपोर्ट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। वह इसमें वांछित चल रहा था। इस मामले की विवेचना में तेजी लाने और निष्पक्ष जांच की मांग के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी गठित की गई थी। टीम की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अशरफ की गिरफ्तारी की गई।

