लखनऊ के फैजुल्लागंज में दोबारा बाढ़ और जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए सरकार ने स्थायी समाधान की तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की बैठक में आईआईएम रोड से पक्का पुल तक गोमती नदी के बाएं तट पर 5.5 किमी लंबा तटबंध बनाने का निर्णय लिया गया। नदी का जलस्तर बढ़ने पर नालों से पानी की निकासी बाधित न हो, इसके लिए 12 नए पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक जल निकासी का नेटवर्क भी तैयार होगा। बैठक में प्रभावित इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और सड़क सुविधाएं सुधारने के निर्देश दिए गए। फैजुल्लागंज में प्री-प्राइमरी से 12वीं तक का नया समन्वित शैक्षणिक संस्थान भी बनाया जाएगा। आईआईएम रोड से पक्का पुल तक बनेगा तटबंध मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में बाढ़ और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, राहत कार्यों और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की गई। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ के नागरिकों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आईआईएम रोड से खदरा होते हुए पक्का पुल तक तटबंध निर्माण का काम जल्द शुरू कराने पर जोर दिया। 12 पंपिंग स्टेशन और ड्रेनेज नेटवर्क बनेगा गोमती का जलस्तर बढ़ने पर नालों से पानी की निकासी बाधित होने की समस्या दूर करने के लिए 12 नए पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक जल निकासी का विस्तृत नेटवर्क तैयार होगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि तटबंध, पंपिंग स्टेशन और नालों की योजनाएं एक-दूसरे के पूरक हों, ताकि अत्यधिक बारिश या नदी का जलस्तर बढ़ने पर बस्तियों में पानी न रुके। उन्होंने गोमती नदी से गाद निकालने यानी ड्रेजिंग का काम भी तेजी से आगे बढ़ाने को कहा। स्कूल, अस्पताल और बिजली व्यवस्था में होगा सुधार फैजुल्लागंज में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्री-प्राइमरी से 12वीं तक का समन्वित शैक्षणिक संस्थान स्थापित किया जाएगा। जलभराव प्रभावित क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 33 केवीए के स्थान पर 132 केवीए का नया सब-स्टेशन स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, सीवेज नेटवर्क, घर-घर नल से जल और ट्रंक ड्रेनेज विकसित करने पर भी जोर दिया गया। 21 मोहल्लों के 6,500 परिवार प्रभावित हुए अधिकारियों के मुताबिक, 8 अक्टूबर 2026 को गोमती का जलस्तर 108.60 मीटर तक पहुंच गया था, जबकि चेतावनी स्तर 108.50 मीटर है। फैजुल्लागंज का भू-स्तर नदी के सामान्य जलस्तर से करीब चार मीटर नीचे होने के कारण 8.05 वर्ग किमी क्षेत्र के 21 मोहल्लों में लगभग 6,500 परिवार यानी 38 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए। 106 नावों और 40 मोटरबोट से चलाया गया बचाव अभियान प्रशासन ने 16 बाढ़ राहत चौकियां और आठ आश्रय स्थल बनाए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की मदद से 106 नावों, 40 मोटरबोट और 19 स्टीमर के जरिए बचाव कार्य चलाया गया। प्रभावित परिवारों को 11,275 राहत खाद्य किट, 67,800 लंच पैकेट और 1.18 लाख लीटर से अधिक पेयजल वितरित किया गया। 46 मेडिकल टीमों ने 8,591 मरीजों का इलाज किया स्वास्थ्य विभाग की 46 मेडिकल टीमों ने घर-घर जाकर 8,591 मरीजों का उपचार किया। प्रभावितों को 12,291 मेडिसिन किट, 12 हजार ओआरएस पैकेट और 8,591 क्लोरीन टैबलेट बांटी गईं। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। क्षेत्र में 75 वॉटर टैंकर, 36 मोबाइल शौचालय और 179 प्रकाश बिंदुओं की व्यवस्था की गई है। शिकायतों के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम का टोल फ्री नंबर 1077 जारी किया गया है। बैठक में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधायक डॉ. नीरज बोरा, महापौर सुषमा खर्कवाल और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

