Mahesh Joshi : जल जीवन मिशन मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी शनिवार को जेल से बाहर आ गए। उन्होंने जल जीवन मिशन पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है, वहीं मीडिया से कहा कि वह पहले भी निर्दोष थे और आज भी निर्दोष हैं। उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है, अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करेंगे। महेश जोशी ने शनिवार को रिहाई के बाद मीडिया से कहा कि श्वेतपत्र जारी कर स्पष्ट किया जाए, किस सरकार के कार्यकाल में कितने काम हुए और अधिकारियों की क्या जिम्मेदारी थी। उन्होंने एक ही मामले में अलग-अलग गिरफ्तारियों और अदालतों में तथ्यों को अलग-अलग तरीके से पेश करने पर भी सवाल उठाए।
महेश जोशी ने कहा कि जलदाय विभाग के कई मुख्य अभियंता और अन्य इंजीनियर जेल में बंद हैं। इनमें कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनसे उनकी पहली मुलाकात जेल में हुई। मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण उन्होंने इस पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार किया।
महेश जोशी ने कहा कि ईडी के मामले में गिरफ्तारी के समय उनकी पत्नी कोमा में थीं और गिरफ्तारी के चार दिन बाद उनका निधन हो गया। 7 मई 2026 को जब उन्हें गिरफ्तार कर लिया, उस दिन उनकी शादी की सालगिरह भी थी। उन्होंने सवाल किया कि संबंधित टेंडर में उनकी भूमिका क्या थी और उन्होंने कौन-सा टेंडर पास किया था?
राजस्थान की तुलना पर सवाल
महेश जोशी ने कहा कि जिन राज्यों में ग्रामीण परिवारों का जल कनेक्शन कवरेज 76 से बढ़कर 94 प्रतिशत हो गया, उनकी तुलना 11 से बढ़कर 50 प्रतिशत कवरेज होने वाले राज्यों से कैसे की जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियां और पेयजल संबंधी चुनौतियां अलग हैं। इसके बावजूद उनके कार्यकाल में करीब 40 प्रतिशत कवरेज हासिल किया गया, फिर भी राजस्थान को 27वें, 28वें या 29वें स्थान पर रखा गया।
समय बदलने की उम्मीद
उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों को गिरफ्तार करने की परंपरा उचित नहीं है। ‘आज मैं जद में हूं, खुशगुमां न होना, चिराग उनके भी बुझेंगे, हवा किसी की नहीं।’

