पानीपत के समालखा में गांजा रखने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट (एनडीपीएस) के न्यायाधीश योगेश चौधरी की कोर्ट ने शनिवार को आरोपी सुभाष को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। मामला समालखा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने 21 जनवरी 2021 को सुभाष पुत्र हुकम चंद निवासी वार्ड नंबर 9, कुआं पाना, बागवाला मोहल्ला, समालखा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। केस में उसे मादक पदार्थ गांजा रखने का दोषी ठहराया गया। सिर पर प्लास्टिक का कट्टा लेकर जा रहा था आरोपी पुलिस ने 21 जनवरी 2021 को आरोपी के कब्जे से 9 किलो 220 ग्राम गांजा बरामद किया गया था। आरोपी प्लास्टिक का कट्टा सिर पर रखकर ले जा रहा था। कोर्ट ने पाया कि उसके पास मादक पदार्थ रखने का कोई वैध परमिट या लाइसेंस नहीं था। मामले में आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(बी) के तहत दोषी ठहराया गया। अदालत ने 16 अक्टूबर 2026 को दोषसिद्धि का निर्णय सुनाया और अगले दिन सजा निर्धारित की। परिवार की जिम्मेदारी का दिया हवाला, पैरोल की मांग खारिज सजा पर बहस के दौरान दोषी ने कोर्ट को बताया कि उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। उसके सात बच्चे हैं, जिनमें से पांच की शादी हो चुकी है। उसने खुद को बीमार बताया और कहा कि वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य है। बचाव पक्ष ने इन परिस्थितियों के आधार पर नरमी बरतने और उसे परिवीक्षा पर रिहा करने की मांग की। वहीं, सरकारी अधिवक्ता कुलदीप ढुल ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अधिकतम सजा देने की मांग की। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दोषी से गांजे की बरामदगी एक गंभीर अपराध है और केवल पारिवारिक जिम्मेदारियों के आधार पर सजा में नरमी नहीं दी जा सकती। अदालत ने परिवीक्षा पर रिहा करने की मांग भी खारिज कर दी। जुर्माना नहीं भरने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा कोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धारा के तहत चार साल के कठोर कारावास और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। आदेश में यह भी कहा गया कि मामले की जांच या सुनवाई के दौरान पहले से जेल में बिताई गई अवधि को निर्धारित सजा में समायोजित किया जाएगा। कोर्ट ने दोषी को जेल भेजने के लिए आवश्यक वारंट तैयार करने के निर्देश दिए।

