भेल दशहरा मैदान में चल रहे पांच दिवसीय अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव-2026 का आज शनिवार को समापन होगा। पांच दिनों तक गरबा-डांडिया, पारंपरिक गीतों और रंग-बिरंगे परिधानों से सजे इस आयोजन की आखिरी शाम भी उत्साह और उमंग के नाम रहेगी। महोत्सव में हर दिन बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। फिल्मी और पारंपरिक गीतों पर गरबा करते प्रतिभागियों के साथ अलग-अलग थीम की ड्रेस भी आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। धार्मिक और सामाजिक संदेश देने वाली ड्रेस रहीं आकर्षण महोत्सव के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी वेशभूषा और थीम के जरिए भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक सरोकारों की झलक दिखाई। किसी ने मां सरस्वती, माता रानी और शिव परिवार की थीम चुनी, तो किसी ने पर्यावरण संरक्षण और बेजुबान जानवरों को बचाने का संदेश दिया। 25 किलो से लेकर 30 किलो से ज्यादा वजन वाली कॉस्ट्यूम पहनकर पहुंचे प्रतिभागियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। समापन की शाम भी पारंपरिक परिधानों और खास प्रस्तुतियों के जरिए उत्सव का रंग देखने को मिलेगा। 110 फीट के सर्कल में पांच दिन तक चला गरबा इस बार प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गरबा सर्कल का आकार 100 फीट से बढ़ाकर 110 फीट किया गया था। आयोजन से पहले हुई ग्राउंड रिहर्सल में 4000 से ज्यादा प्रतिभागियों ने गरबा, डांडिया और तीन ताली का अभ्यास किया था। महोत्सव के दौरान प्रतिभागियों ने मास्टर्स की काउंटिंग के साथ सामूहिक नृत्य किया। गरबा सर्कल में जगह कम पड़ने पर पहले दिन कुछ लोग बाहर भी गरबा करते नजर आए थे।

