हांसी में शनिवार को एक और जहां भाजपा जिला कार्यालय के अंदर प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता का वर्चुअल कार्यक्रम चल रहा था, वहीं दूसरी ओर कार्यालय के बाहर किसान लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पुतला फूंक रहे थे। किसानों ने धान की खरीद में देरी और मंडियों से फसल का उठान नहीं होने पर रोष जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एमएसपी पर फसल खरीदने के दावे कर रही है, जबकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसान नेता दशरथ मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार दावा कर रहे हैं कि हरियाणा में 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा रही है और धान का भाव 2461 रुपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि किसानों को मंडियों में अपनी धान की फसल बेचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार धान की खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित करे, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए भटकना न पड़े। भारतीय किसान यूनियन के नेता रणबीर मलिक ने कहा कि किसानों को धान और बाजरे की फसल बेचने में भी बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंडियों में खरीद और उठान की उचित व्यवस्था नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने मांग की कि फसलों की जल्द खरीद के साथ उठान भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों की फसल बिकने के बाद उनके खातों में समय पर भुगतान हो सके। उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में 17 अक्टूबर को हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर भाजपा कार्यालयों के बाहर मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। किसानों ने मांग की कि धान की खरीद 2481 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर सुनिश्चित की जाए। साथ ही, मंडियों में खरीद के साथ फसल का उठान भी तेजी से करवाया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक परेशानी न झेलनी पड़े। किसान नेताओं ने कहा कि आगे की रणनीति संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में तय की जाएगी। उन्होंने दिल्ली में एसआईआर के मुद्दे पर चल रहे धरने को भी समर्थन देने की बात कही।

