सीतामढ़ी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान कपिलदेव पासवान की मौत के बाद शनिवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतक बाजपट्टी प्रखंड के हरपुरवा भगवानपुर निवासी बताए जा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि गंभीर हालत में भी मरीज को समय पर आईसीयू बेड और बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिली, जिसके कारण उनकी जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलने पर नगर थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध परिजनों के मुताबिक, कपिलदेव पासवान को कमजोरी होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुरुआत में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन बाद में उनकी हालत गंभीर होने लगी। इसके बाद परिजनों ने बेहतर इलाज और आईसीयू में भर्ती करने की मांग की। आरोप है कि आईसीयू में बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें वहां भर्ती नहीं किया जा सका। इसी दौरान अस्पताल के गेट के पास ही मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताने लगे। अस्पताल कर्मियों पर दुर्व्यवहार का आरोप परिजनों ने अस्पताल कर्मियों और सुरक्षा गार्ड पर दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि जब उन्होंने मरीज को बेहतर इलाज नहीं मिलने को लेकर सवाल उठाए, तो उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें ही गलत ठहराने की कोशिश की गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें शराब के नशे में हंगामा करने वाला बताया गया, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया। नगर थानाध्यक्ष ने संभाला मोर्चा हंगामे की सूचना मिलने पर नगर थानाध्यक्ष अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों को समझाया और स्थिति को शांत कराया। घटना ने सदर अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू बेड की उपलब्धता और समय पर इलाज की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वही अस्पताल प्रशासन की ओर से कहा गया कि मामला संज्ञान में है मामले की जांच की जा रही है लापरवाही किस स्तर पर हुई है इसकी जांच पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सीतामढ़ी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान कपिलदेव पासवान की मौत के बाद शनिवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतक बाजपट्टी प्रखंड के हरपुरवा भगवानपुर निवासी बताए जा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि गंभीर हालत में भी मरीज को समय पर आईसीयू बेड और बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिली, जिसके कारण उनकी जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलने पर नगर थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध परिजनों के मुताबिक, कपिलदेव पासवान को कमजोरी होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुरुआत में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन बाद में उनकी हालत गंभीर होने लगी। इसके बाद परिजनों ने बेहतर इलाज और आईसीयू में भर्ती करने की मांग की। आरोप है कि आईसीयू में बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें वहां भर्ती नहीं किया जा सका। इसी दौरान अस्पताल के गेट के पास ही मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताने लगे। अस्पताल कर्मियों पर दुर्व्यवहार का आरोप परिजनों ने अस्पताल कर्मियों और सुरक्षा गार्ड पर दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि जब उन्होंने मरीज को बेहतर इलाज नहीं मिलने को लेकर सवाल उठाए, तो उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें ही गलत ठहराने की कोशिश की गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें शराब के नशे में हंगामा करने वाला बताया गया, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया। नगर थानाध्यक्ष ने संभाला मोर्चा हंगामे की सूचना मिलने पर नगर थानाध्यक्ष अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों को समझाया और स्थिति को शांत कराया। घटना ने सदर अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू बेड की उपलब्धता और समय पर इलाज की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वही अस्पताल प्रशासन की ओर से कहा गया कि मामला संज्ञान में है मामले की जांच की जा रही है लापरवाही किस स्तर पर हुई है इसकी जांच पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

