दुर्गापूजा- बेगूसराय में 257 जगहों पर मजिस्ट्रेट तैनात:साइबर पेट्रोलिंग के साथ सीसीटीवी, ड्रोन से भी होगी निगरानी; अलर्ट मोड पर रहेगा दंगा निरोधी दस्ता

दुर्गापूजा- बेगूसराय में 257 जगहों पर मजिस्ट्रेट तैनात:साइबर पेट्रोलिंग के साथ सीसीटीवी, ड्रोन से भी होगी निगरानी; अलर्ट मोड पर रहेगा दंगा निरोधी दस्ता

शारदीय नवरात्र एवं दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण, सुरक्षित, अनुशासित एवं साम्प्रदायिक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी हो गई है। दुर्गा पूजा के मद्देनजर जिले के सभी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों, प्रमुख पूजा पंडालों, चौक-चौराहों तथा प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर विधि-व्यवस्था संधारण के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल एवं लाठी बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। 257 जगहों पर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस टीम को लगाया गया है। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं पुलिस बल को निर्धारित समय पर अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर योगदान देने तथा विसर्जन की प्रक्रिया पूरी होने तक पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई दल एवं दंगा निरोधी दस्ता आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रहेंगे। महिलाओं की सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण के लिए प्रमुख पूजा स्थलों पर महिला पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। शहर से गांव तक संवेदनशील स्थान चिन्हित बेगूसराय जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले वर्षों के अनुभवों और स्थानीय घटनाओं के आधार पर संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया गया है। नगर थाना क्षेत्र के मियांचक, कर्पूरी स्थान चौक, चित्रवाणी सिनेमा हॉल के सामने बड़ी दुर्गा स्थान, पोखड़िया, हरहर महादेव चौक, पटेल चौक और बीएमपी-8 गेट जैसे इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। विसर्जन जुलूस के मार्ग में पड़ने वाले मुस्लिम बाहुल्य और संवेदनशील क्षेत्रों बथौली, देवना और मल्हीपुर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सप्तमी तिथि पर आज रात अधिकतर पूजा पंडालों के पट खुलने के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। 18 अक्टूबर को महाअष्टमी, 19 अक्टूबर को महानवमी तथा 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। इसके बाद स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा। विसर्जन की अवधि में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन ने सभी एसडीओ को अपने क्षेत्र में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निषेधाज्ञा लागू करने तथा उसका पालन कराने का निर्देश दिया है। जुलूस एवं अखाड़ों में घातक हथियारों, आग्नेयास्त्रों तथा अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। अंतरजिला सीमाओं पर चेकपोस्ट के माध्यम से जांच करने तथा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल, लॉज एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। हो रही है साइबर पेट्रोलिंग सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की विशेष निगरानी कर रही है। साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट, भ्रामक सूचना, अफवाह एवं आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर साइबर पेट्रोलिंग के माध्यम से नजर रखी जाएगी। अफवाह फैलाने अथवा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आईटी अधिनियम एवं अन्य सुसंगत कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे प्रसारित करें। सीसीटीवी और ड्रोन से भी होगी निगरानी प्रमुख एवं संवेदनशील पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनकी सतत निगरानी तथा आवश्यकता के अनुसार ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की व्यवस्था गई है। पूजा पंडालों एवं जुलूसों में साम्प्रदायिक भावना को आहत करने वाले पोस्टर, कार्टून, आपत्तिजनक झांकियों अथवा धार्मिक उन्माद फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी। अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों एवं न्यायालयों के आसपास निर्धारित साइलेंस जोन में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। विसर्जन के लिए भी विशेष व्यवस्था अश्लील एवं भड़काऊ गीतों के प्रसारण पर रोक रहेगी तथा डीजे के उपयोग के संबंध में न्यायालय एवं सरकार के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रतिमा विसर्जन जुलूस केवल पारंपरिक एवं निर्धारित मार्गों से ही निकाले जाएंगे। निर्धारित अनुज्ञप्ति में अंकित समय का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रमुख विसर्जन घाटों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति तथा आवश्यकता के अनुसार एसडीआरएफ की तैनाती की जाएगी। विसर्जन के दौरान नदियों में निजी नावों के अनियंत्रित परिचालन पर रोक रहेगी। शहर में यातायात सुचारू रखने के लिए आवश्यकता के अनुसार विशेष यातायात प्रबंधन किया जाएगा तथा इसमें महिला पुलिस, मेरा युवा भारत एवं नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों का सहयोग लिया जाएगा। अलर्ट मोड में अस्पताल और फायर ब्रिगेड दुर्गा पूजा के दौरान नागरिक सुविधाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य, अग्निशमन, विद्युत, पेयजल एवं साफ-सफाई से संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में चौबीस घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रखने तथा प्रमुख पूजा स्थलों एवं विसर्जन घाटों पर चिकित्सक दल, आवश्यक दवाओं एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। अग्निशमन विभाग को भी अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। गांधी स्टेडियम में जिला नियंत्रण कक्ष के सामने दो अग्निशमन वाहन तथा तेघड़ा, बलिया, मंझौल एवं बखरी अनुमंडल कार्यालय परिसरों में दो-दो अग्निशमन दल तैनात रहेंगे। रावण दहन स्थलों पर भी विशेष अग्निशमन व्यवस्था की जा रही है। पूजा क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, खराब एवं ढ़ीले तारों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था तथा नगर निगम क्षेत्र में पेयजल, साफ-सफाई एवं चूना-ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव का निर्देश दिया गया है। कोई भी सूचना तुरंत दें नियंत्रण कक्ष को दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था एवं प्रशासनिक समन्वय बनाए रखने के लिए समाहरणालय स्थित कारगिल विजय भवन में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष 17 अक्टूबर से प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया समाप्त होने तक तीन पालियों में चौबीस घंटे कार्यरत रहेगा। जिला नियंत्रण कक्ष 06243-222835 तथा पुलिस नियंत्रण कक्ष 06243-230519 आज से एक्टिव मोड में है। जिला स्तरीय विधि-व्यवस्था का वरीय प्रभार अपर समाहर्ता बृज किशोर चौधरी एवं मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार को दिया गया है। डीएम रिची पांडेय एवं एसपी मनीष ने सभी लोगों, पूजा समितियों, जनप्रतिनिधियों से अपील किया है कि दुर्गा पूजा आपसी प्रेम, भाईचारे एवं सामाजिक सौहार्द के साथ मनाएं। किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान नहीं दें। संदिग्ध वस्तु, व्यक्ति या अवांछित गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी थाना या जिला नियंत्रण कक्ष को दें। पर्व के दौरान शांति, सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। शारदीय नवरात्र एवं दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण, सुरक्षित, अनुशासित एवं साम्प्रदायिक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी हो गई है। दुर्गा पूजा के मद्देनजर जिले के सभी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों, प्रमुख पूजा पंडालों, चौक-चौराहों तथा प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर विधि-व्यवस्था संधारण के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल एवं लाठी बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। 257 जगहों पर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस टीम को लगाया गया है। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं पुलिस बल को निर्धारित समय पर अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर योगदान देने तथा विसर्जन की प्रक्रिया पूरी होने तक पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई दल एवं दंगा निरोधी दस्ता आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रहेंगे। महिलाओं की सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण के लिए प्रमुख पूजा स्थलों पर महिला पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। शहर से गांव तक संवेदनशील स्थान चिन्हित बेगूसराय जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले वर्षों के अनुभवों और स्थानीय घटनाओं के आधार पर संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया गया है। नगर थाना क्षेत्र के मियांचक, कर्पूरी स्थान चौक, चित्रवाणी सिनेमा हॉल के सामने बड़ी दुर्गा स्थान, पोखड़िया, हरहर महादेव चौक, पटेल चौक और बीएमपी-8 गेट जैसे इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। विसर्जन जुलूस के मार्ग में पड़ने वाले मुस्लिम बाहुल्य और संवेदनशील क्षेत्रों बथौली, देवना और मल्हीपुर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सप्तमी तिथि पर आज रात अधिकतर पूजा पंडालों के पट खुलने के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। 18 अक्टूबर को महाअष्टमी, 19 अक्टूबर को महानवमी तथा 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। इसके बाद स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा। विसर्जन की अवधि में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन ने सभी एसडीओ को अपने क्षेत्र में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निषेधाज्ञा लागू करने तथा उसका पालन कराने का निर्देश दिया है। जुलूस एवं अखाड़ों में घातक हथियारों, आग्नेयास्त्रों तथा अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। अंतरजिला सीमाओं पर चेकपोस्ट के माध्यम से जांच करने तथा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल, लॉज एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। हो रही है साइबर पेट्रोलिंग सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की विशेष निगरानी कर रही है। साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट, भ्रामक सूचना, अफवाह एवं आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर साइबर पेट्रोलिंग के माध्यम से नजर रखी जाएगी। अफवाह फैलाने अथवा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आईटी अधिनियम एवं अन्य सुसंगत कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे प्रसारित करें। सीसीटीवी और ड्रोन से भी होगी निगरानी प्रमुख एवं संवेदनशील पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनकी सतत निगरानी तथा आवश्यकता के अनुसार ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की व्यवस्था गई है। पूजा पंडालों एवं जुलूसों में साम्प्रदायिक भावना को आहत करने वाले पोस्टर, कार्टून, आपत्तिजनक झांकियों अथवा धार्मिक उन्माद फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी। अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों एवं न्यायालयों के आसपास निर्धारित साइलेंस जोन में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। विसर्जन के लिए भी विशेष व्यवस्था अश्लील एवं भड़काऊ गीतों के प्रसारण पर रोक रहेगी तथा डीजे के उपयोग के संबंध में न्यायालय एवं सरकार के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रतिमा विसर्जन जुलूस केवल पारंपरिक एवं निर्धारित मार्गों से ही निकाले जाएंगे। निर्धारित अनुज्ञप्ति में अंकित समय का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रमुख विसर्जन घाटों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति तथा आवश्यकता के अनुसार एसडीआरएफ की तैनाती की जाएगी। विसर्जन के दौरान नदियों में निजी नावों के अनियंत्रित परिचालन पर रोक रहेगी। शहर में यातायात सुचारू रखने के लिए आवश्यकता के अनुसार विशेष यातायात प्रबंधन किया जाएगा तथा इसमें महिला पुलिस, मेरा युवा भारत एवं नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों का सहयोग लिया जाएगा। अलर्ट मोड में अस्पताल और फायर ब्रिगेड दुर्गा पूजा के दौरान नागरिक सुविधाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य, अग्निशमन, विद्युत, पेयजल एवं साफ-सफाई से संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में चौबीस घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रखने तथा प्रमुख पूजा स्थलों एवं विसर्जन घाटों पर चिकित्सक दल, आवश्यक दवाओं एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। अग्निशमन विभाग को भी अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। गांधी स्टेडियम में जिला नियंत्रण कक्ष के सामने दो अग्निशमन वाहन तथा तेघड़ा, बलिया, मंझौल एवं बखरी अनुमंडल कार्यालय परिसरों में दो-दो अग्निशमन दल तैनात रहेंगे। रावण दहन स्थलों पर भी विशेष अग्निशमन व्यवस्था की जा रही है। पूजा क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, खराब एवं ढ़ीले तारों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था तथा नगर निगम क्षेत्र में पेयजल, साफ-सफाई एवं चूना-ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव का निर्देश दिया गया है। कोई भी सूचना तुरंत दें नियंत्रण कक्ष को दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था एवं प्रशासनिक समन्वय बनाए रखने के लिए समाहरणालय स्थित कारगिल विजय भवन में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष 17 अक्टूबर से प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया समाप्त होने तक तीन पालियों में चौबीस घंटे कार्यरत रहेगा। जिला नियंत्रण कक्ष 06243-222835 तथा पुलिस नियंत्रण कक्ष 06243-230519 आज से एक्टिव मोड में है। जिला स्तरीय विधि-व्यवस्था का वरीय प्रभार अपर समाहर्ता बृज किशोर चौधरी एवं मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार को दिया गया है। डीएम रिची पांडेय एवं एसपी मनीष ने सभी लोगों, पूजा समितियों, जनप्रतिनिधियों से अपील किया है कि दुर्गा पूजा आपसी प्रेम, भाईचारे एवं सामाजिक सौहार्द के साथ मनाएं। किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान नहीं दें। संदिग्ध वस्तु, व्यक्ति या अवांछित गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी थाना या जिला नियंत्रण कक्ष को दें। पर्व के दौरान शांति, सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।  

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