होटल के CCTV से गुजरात तक पहुंची पुलिस:सूरत में मिला लापता बच्चा, दूसरी बच्ची जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर अकेली मिली

होटल के CCTV से गुजरात तक पहुंची पुलिस:सूरत में मिला लापता बच्चा, दूसरी बच्ची जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर अकेली मिली

अजमेर के रामगंज थाना क्षेत्र से लापता दो नाबालिगों को पुलिस ने ऑपरेशन खुशी के तहत तलाश लिया। करीब दो सप्ताह से लापता 14 साल का बच्चा गुजरात के सूरत में मिला, जबकि 13 साल की बच्ची जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर अकेली रोती-बिलखती मिली। पुलिस ने बच्चे को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया। वहीं, बच्ची के अजमेर से जयपुर पहुंचने और उसके वहां मिलने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। होटल के CCTV से मिला सुराग, वडोदरा तक पहुंची पुलिस पुलिस के अनुसार, 14 साल का बच्चा अजमेर के एक होटल में काम करता था। करीब 20 दिन पहले होटल में ठहरे वडोदरा के एक सब्जी व्यवसायी से बातचीत के बाद वह बाहर जाकर काम करने के लिए प्रभावित हुआ था। बच्चे के लापता होने के बाद पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। रेलवे स्टेशन के फुटेज में संबंधित व्यवसायी बच्चे के पीछे चलता नजर आया। होटल के रिकॉर्ड से व्यवसायी का नाम-पता जुटाने के बाद पुलिस टीम वडोदरा पहुंची। वहां स्थानीय पुलिस की मदद से जानकारी जुटाई गई। जांच में पता चला कि बच्चा गुजरात रूट की ट्रेन में बैठा था। इसके बाद पुलिस ने कई रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद ली। लगातार प्रयासों के बाद बच्चे को सूरत से दस्तयाब कर लिया गया। जयपुर बस स्टैंड पर अकेली मिली 13 साल की बच्ची दूसरे मामले में करीब दो सप्ताह से लापता 13 साल की बच्ची जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर अकेली रोती-बिलखती मिली। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्ची अजमेर से जयपुर कैसे पहुंची, किन परिस्थितियों में वहां गई और क्या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी था। आईजी-एसपी कर रहे अभियान की मॉनिटरिंग प्रदेशभर में लापता लोगों की तलाश के लिए ऑपरेशन खुशी चलाया जा रहा है। अजमेर में अभियान की मॉनिटरिंग आईजी डॉ. रवि और एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला कर रहे हैं। अभियान के तहत लापता नाबालिगों की तलाश कर उन्हें सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। थानाप्रभारी हरिपाल सिंह के अनुसार, बच्चे की तलाश में सीसीटीवी फुटेज, होटल के रिकॉर्ड और रेलवे स्टेशनों से मिले सुराग अहम साबित हुए।

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