भोजपुर- रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर हत्याकांड:जमीन विवाद समेत कई बिंदुओं पर जांच जारी; एसआईटी, डीआईयू और पटना एसटीएफ को सौंपी गई जिम्मेदारी

भोजपुर- रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर हत्याकांड:जमीन विवाद समेत कई बिंदुओं पर जांच जारी; एसआईटी, डीआईयू और पटना एसटीएफ को सौंपी गई जिम्मेदारी

भोजपुर के नवादा थाना क्षेत्र में रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर सह क्षत्रिय संगठन के अध्यक्ष रामकुमार सिंह की हत्या मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। हत्याकांड का खुलासा करने और शूटरों तक पहुंचने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। अब तक दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की सूचना है। पहले मनोज सिंह लक्की को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध चंदन सिंह को भी हिरासत में लिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच में जमीन विवाद का एंगल आया सामने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अपराधियों की गिरफ्तारी और हत्याकांड का राजफाश करने के लिए एसआईटी और डीआईयू के साथ पटना एसटीएफ को भी लगाया गया है। पुलिस की एक टीम को राज्य से बाहर भी भेजा गया है। भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित के अनुसार, अब तक की जांच में भूमि विवाद से जुड़ा मामला सामने आ रहा है। इसी आधार पर पुलिस पुराने विवादों और घटनाक्रमों की पड़ताल कर रही है। बताया जा रहा है कि फोरलेन के पास सिंगही में पूर्व में जेसीबी से जमीन की चहारदीवारी तोड़े जाने के मामले में भी नाम सामने आया था। पुलिस इस घटनाक्रम की कड़ियों को हत्या से जोड़कर जांच कर रही है। संदिग्ध की तस्वीर आई सामने पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। फुटेज में एक बाइक पर तीन संदिग्ध शूटर नजर आ रहे हैं। इनमें एक ने गमछे से चेहरा ढक रखा था, जबकि दो अन्य हेलमेट पहने हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्धों की कद-काठी और हुलिए की पहचान करने में जुटी है। साथ ही उनकी गतिविधियों का मिलान दूसरे साक्ष्यों से किया जा रहा है। परिजन से पूछताछ में सामने आए नामों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्धों से भी पूछताछ कर रही है। अब पुलिस के सामने शूटरों की पहचान करने, हत्या की वजह स्पष्ट करने और वारदात में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की चुनौती है। भोजपुर के नवादा थाना क्षेत्र में रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर सह क्षत्रिय संगठन के अध्यक्ष रामकुमार सिंह की हत्या मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। हत्याकांड का खुलासा करने और शूटरों तक पहुंचने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। अब तक दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की सूचना है। पहले मनोज सिंह लक्की को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध चंदन सिंह को भी हिरासत में लिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच में जमीन विवाद का एंगल आया सामने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अपराधियों की गिरफ्तारी और हत्याकांड का राजफाश करने के लिए एसआईटी और डीआईयू के साथ पटना एसटीएफ को भी लगाया गया है। पुलिस की एक टीम को राज्य से बाहर भी भेजा गया है। भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित के अनुसार, अब तक की जांच में भूमि विवाद से जुड़ा मामला सामने आ रहा है। इसी आधार पर पुलिस पुराने विवादों और घटनाक्रमों की पड़ताल कर रही है। बताया जा रहा है कि फोरलेन के पास सिंगही में पूर्व में जेसीबी से जमीन की चहारदीवारी तोड़े जाने के मामले में भी नाम सामने आया था। पुलिस इस घटनाक्रम की कड़ियों को हत्या से जोड़कर जांच कर रही है। संदिग्ध की तस्वीर आई सामने पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। फुटेज में एक बाइक पर तीन संदिग्ध शूटर नजर आ रहे हैं। इनमें एक ने गमछे से चेहरा ढक रखा था, जबकि दो अन्य हेलमेट पहने हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्धों की कद-काठी और हुलिए की पहचान करने में जुटी है। साथ ही उनकी गतिविधियों का मिलान दूसरे साक्ष्यों से किया जा रहा है। परिजन से पूछताछ में सामने आए नामों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्धों से भी पूछताछ कर रही है। अब पुलिस के सामने शूटरों की पहचान करने, हत्या की वजह स्पष्ट करने और वारदात में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की चुनौती है।  

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