दिल्ली के जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के मामले में सीजेपी नेताओं सौरभ दास और सह संयोजक आशुतोष राका की गिरफ्तारी के बाद इस प्रकरण को लेकर विरोध के स्वर मेरठ तक पहुंच गए हैं। शुक्रवार को दिल्ली से आए कुछ छात्रों ने कमिश्नरी चौराहे पर तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। हाथों में स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे छात्रों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने दिल्ली में विरोध कर रहे लोगों के प्रति समर्थन जताते हुए अपनी बात रखी। जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई के बाद सामने आए इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों ने तिरंगे और पोस्टरों के माध्यम से अपना पक्ष रखा। उनके पोस्टरों पर फ्रीडम ऑफ स्पीच सहित विभिन्न संदेश लिखे थे। छात्रों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से असहमति जताने का अधिकार मिला है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन
प्रदर्शन में शामिल छात्र कुंज ने कहा कि वह दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ खड़े हैं और उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने बताया कि वह अपनी इच्छा से इस प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। उनके मुताबिक मेरठ में प्रदर्शन का उद्देश्य दिल्ली में अपनी बात रख रहे छात्रों के प्रति एकजुटता जाहिर करना है। छात्रों और पत्रकारों के साथ व्यवहार पर उठाए सवाल
फ्रीडम ऑफ स्पीच का पोस्टर लेकर खड़ी ख्वाहिश ने दिल्ली में छात्रों और पत्रकारों के साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की परिस्थितियों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष व्यवहार जैसे मुद्दों पर चर्चा जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र पुलिस की वर्दी का सम्मान करते हैं और उनसे कानून के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं। मेरठ का प्रदर्शन दिल्ली में विरोध कर रहे छात्रों के समर्थन में है। तिरंगा फहराना संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा विषय
प्रदर्शन में शामिल छात्रा कन्या ने कहा कि तिरंगा देश की एकता और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए नागरिकों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के महत्व पर जोर दिया। उनका कहना था कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर संवाद होना चाहिए।

