कमिश्नर इन्द्र विक्रम सिंह शुक्रवार को विकास भवन का औचक निरीक्षण करने गए। कार्यालयों में गंदगी देखकर वह नाराज हो गए और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। अधिकारियों व कर्मचारियों से कहा कि नवरात्र का समय है, सभी ने अपने घर को मंदिर बना रखा होगा लेकिन आफिस को कूड़ेदान बनाकर रखा है। कमिश्नर ने एक-एक कर सभी कार्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि 10 दिन के भीतर व्यवस्था बेहतर हो जानी चाहिए। कमिश्नर अचानक विकास भवन कार्यालय पहुंच गए। सबसे पहले वह ग्राउंड फ्लोर पर स्थित संयुक्त आयुक्त के कार्यालय गए और खाद्य विभाग का निरीक्षण किया। गैलरी में पुरानी आलमारियां रखी थीं। जहां कर्मचारी बैठे थे, वहां फाइलें बेतरतीब ढंग से रखी थीं। दीवारें गंदी थीं। बाहर कूड़ा फैला था। कार्यालय की यह स्थिति देखकर उन्होंने इसमें सुधार का निर्देश दिया। यहां से कमिश्नर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग पहुंचे। वहां अधिशासी अभियंता विवेक प्रिय उपस्थित नहीं थे। सहायक अभियंता शचींद्र सिंह ने बताया कि वह दौरे पर गए हैं। कार्यालय में दौरा पंजिका नहीं थी। पटलों की जांच की गई तो कई कमियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने एक संविदा कर्मचारी द्वारा तैयार किए गए इस्टीमेट को भी देखा। उसमें प्रथम दृष्टया कमियां मिलने पर जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को 10 दिन का समय देते हुए व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी और दोबारा निरीक्षण करने की बात कही।
एक दिव्यांग व्यक्ति को पेंशन नहीं मिलने की शिकायत पर वह जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के कार्यालय भी पहुंचे। उन्होंने पात्र दिव्यांगों को समय से पेंशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि सरकारी सहायता के लिए उन्हें भटकना न पड़े। इसके बाद कमिश्नर पंचायती राज विभाग पहुंचे। वहां सबसे अधिक अव्यवस्था मिली। यहां स्थान की कमी के बावजूद पुराने रजिस्टर, फाइलें, कंप्यूटर के कार्टेज और खाली डिब्बे रखे हुए थे। कर्मचारियों और पंचायत सचिवों की सेवा पुस्तिकाएं वर्ष 2022 के बाद भरी ही नहीं गई थीं। जिला पंचायत राज अधिकारी सौम्य प्रताप सिंह की मौजूदगी में कमिश्नर ने सभी पटलों का निरीक्षण किया और कमियां दूर करने को कहा।
जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में भी गंदगी का अंबार मिला। टूटी कुर्सियां कार्यालय के भीतर पड़ी थीं। जिस तरफ से प्राकृतिक रोशनी और हवा आती है, उस हिस्से को बंद कर दिया गया था। बाहर का हिस्सा कबाड़ रखने की जगह बन गया था। कमिश्नर ने जिला पूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह को 10 दिन में सफाई, रंगाई-पुताई और कबाड़ हटवाने के निर्देश दिए।

