लखनऊ के सीतापुर रोड योजना के सेक्टर-ए में शुक्रवार को पांच दिवसीय रामलीला का शुभारंभ श्रीराम जन्म के प्रसंग हुईं। रामलीला के 34वें मंचन का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा ने भगवान गणेश की आरती कर किया। इसके बाद बेटियों ने श्रीगणेश वंदना पर समूह नृत्य प्रस्तुत कर माहौल भक्तिमय कर दिया। पहले दिन कलाकारों ने श्रीराम जन्म, ताड़का वध, धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद जैसे प्रसंगों का मंचन किया। श्रीराम जन्म का प्रसंग देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। कैकेयी के साथ कामेष्टि यज्ञ कराया मंचन में दिखाया गया कि संतान प्राप्ति के लिए राजा दशरथ ने गुरु वशिष्ठ की सलाह पर तीनों रानियों कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी के साथ कामेष्टि यज्ञ कराया। यज्ञ पूर्ण होने पर अग्निदेव प्रकट हुए और दशरथ को प्रसाद का पात्र दिया। राजा ने प्रसाद तीनों रानियों में बांट दिया। समय पूरा होने पर उनके यहां चार पुत्रों का जन्म हुआ। इनके नाम राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न रखे गए। कलाकारों के संवाद ने दर्शकों का मन मोहा इसके बाद रामलीला में ताड़का वध और धनुष यज्ञ का प्रसंग मंचित किया गया। धनुष यज्ञ के दौरान श्रीराम के धनुष तोड़ने के बाद परशुराम के क्रोधित होकर पहुंचने और लक्ष्मण से उनके तीखे संवाद ने दर्शकों का ध्यान खींचा। कलाकारों ने संवाद और अभिनय के जरिए प्रसंगों को प्रभावी बनाया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। कार्यक्रम में पार्षद मान सिंह यादव, श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेश कुमार तिवारी, महामंत्री जितेंद्र मिश्रा, संयुक्त मंत्री शांति स्वरूप शुक्ला और निर्देशक उमाशंकर राठौर समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

