भागलपुर में मां के साथ मॉल जा रहा चार साल का मासूम अंश बिछड़ गया। बच्चे को अकेला देखे जाने के बाद किसी ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को उसकी मां से मिलवा दिया। घटना कचहरी चौक स्थित सत्कार क्लब मंदिर के पास की है। बच्चे से जब पुलिस उसके परिवार के बारे में और बिछड़ने के बारे में जानकारी ले रही थी, तब बच्चे ने रोते हुए पुलिस से चिप्स और कुरकुरे की डिमांड की। तब पुलिसकर्मी संतोष सिंह ने उससे कहा कि तुम रोना मत, तुम्हें सब कुछ मिलेगा, जल्द ही मां के पास पहुंचा देंगे। बच्चा बोला- मां के साथ मॉल आया था, पता नहीं कहां गई जानकारी के अनुसार, अगरपुर माछीपुर की नीसा कुमारी अपने चार वर्षीय बच्चे अंश के साथ मॉल जा रही थीं। इसी दौरान बच्चा मां से बिछड़ गया। कचहरी चौक स्थित सत्कार क्लब मंदिर के पास बच्चे के अकेले होने की जानकारी किसी ने पुलिसकर्मी संतोष सिंह को दी। संतोष सिंह ने देखा कि बच्चा अकेला है। फिर उन्होंने बच्चे को अपने पास बैठा और प्यार से बातचीत कर पहले उसे सहज करने की कोशिश की। उन्होंने बच्चे का नाम पूछा और उससे ये जानने का प्रयास किया कि वह कहां जा रहा था। मासूम को सहज महसूस कराने के लिए चिप्स-कुरकुरे खिलाने की बात भी प्यार से कही। चार घंटे तक परिवार से मिलाने की कोशिश बच्चे के परिवार तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती थी। मासूम से जानकारी जुटाने और उसके परिजनों का पता लगाने की कोशिश की गई। पुलिसकर्मी संतोष सिंह ने संवेदनशीलता के साथ बच्चे को संभाला, ताकि वह घबराए नहीं। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे की मां नीसा कुमारी का पता चला और परिवार से मिलाने में सफलता मिली। वर्दी के साथ दिखा मानवीय चेहरा मासूम के प्रति पुलिसकर्मी का व्यवहार वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक कर देने वाला पल बन गया। पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट में फंसे लोगों को सुरक्षा और भरोसा देना भी है। संतोष सिंह ने जिस धैर्य और अपनत्व के साथ बच्चे को संभाला, वह पुलिस के मानवीय चेहरे को सामने लाता है। मां से बिछड़े मासूम को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाने की यह कोशिश सराहनीय रही। भागलपुर में मां के साथ मॉल जा रहा चार साल का मासूम अंश बिछड़ गया। बच्चे को अकेला देखे जाने के बाद किसी ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को उसकी मां से मिलवा दिया। घटना कचहरी चौक स्थित सत्कार क्लब मंदिर के पास की है। बच्चे से जब पुलिस उसके परिवार के बारे में और बिछड़ने के बारे में जानकारी ले रही थी, तब बच्चे ने रोते हुए पुलिस से चिप्स और कुरकुरे की डिमांड की। तब पुलिसकर्मी संतोष सिंह ने उससे कहा कि तुम रोना मत, तुम्हें सब कुछ मिलेगा, जल्द ही मां के पास पहुंचा देंगे। बच्चा बोला- मां के साथ मॉल आया था, पता नहीं कहां गई जानकारी के अनुसार, अगरपुर माछीपुर की नीसा कुमारी अपने चार वर्षीय बच्चे अंश के साथ मॉल जा रही थीं। इसी दौरान बच्चा मां से बिछड़ गया। कचहरी चौक स्थित सत्कार क्लब मंदिर के पास बच्चे के अकेले होने की जानकारी किसी ने पुलिसकर्मी संतोष सिंह को दी। संतोष सिंह ने देखा कि बच्चा अकेला है। फिर उन्होंने बच्चे को अपने पास बैठा और प्यार से बातचीत कर पहले उसे सहज करने की कोशिश की। उन्होंने बच्चे का नाम पूछा और उससे ये जानने का प्रयास किया कि वह कहां जा रहा था। मासूम को सहज महसूस कराने के लिए चिप्स-कुरकुरे खिलाने की बात भी प्यार से कही। चार घंटे तक परिवार से मिलाने की कोशिश बच्चे के परिवार तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती थी। मासूम से जानकारी जुटाने और उसके परिजनों का पता लगाने की कोशिश की गई। पुलिसकर्मी संतोष सिंह ने संवेदनशीलता के साथ बच्चे को संभाला, ताकि वह घबराए नहीं। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे की मां नीसा कुमारी का पता चला और परिवार से मिलाने में सफलता मिली। वर्दी के साथ दिखा मानवीय चेहरा मासूम के प्रति पुलिसकर्मी का व्यवहार वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक कर देने वाला पल बन गया। पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट में फंसे लोगों को सुरक्षा और भरोसा देना भी है। संतोष सिंह ने जिस धैर्य और अपनत्व के साथ बच्चे को संभाला, वह पुलिस के मानवीय चेहरे को सामने लाता है। मां से बिछड़े मासूम को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाने की यह कोशिश सराहनीय रही।

