Mahayuti Internal Conflict: महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति के तीनों दलों के बीच अंदरूनी विवाद बढ़ने का दावा करते हुए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि दशहरा-दिवाली के बाद यह टकराव खुलकर सामने आएगा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह झगड़ा होली तक चलेगा और तीनों दल आपस में लड़ते-लड़ते जलेंगे। उन्होंने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी करने, सूखा राहत में देरी और विकास के नाम पर केवल घोषणाएं करने का भी आरोप लगाया। वडेट्टीवार ने कहा कि महायुति के नेता आपस में उलझे हुए हैं। एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें लेकर दिल्ली में बैठे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक पहुंच रहे हैं।
‘नहीं हो पा रहे जनता के काम’
उन्होंने कहा कि राज्य के सत्ताधारी नेता असहज हैं और एक-दूसरे की फाइलें रोकने तथा राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि इस खींचतान का असर सरकारी कामकाज पर पड़ रहा है और जनता के काम नहीं हो रहे हैं। विकास के नाम पर घोषणाएं तो की जा रही हैं, लेकिन जमीन पर काम दिखाई नहीं दे रहा है। इस विवाद का खामियाजा राज्य की जनता को भुगतना पड़ रहा है। पुणे में महाविकास आघाड़ी के घटक दलों के बीच विवाद और उद्धव ठाकरे की तस्वीर इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के बारे में पूछे जाने पर वडेट्टीवार ने महायुति के भीतर चल रहे मतभेदों का मुद्दा उठाया।
किसानों की मदद पर सरकार को घेरा
वडेट्टीवार ने सूखा राहत और किसानों को आर्थिक सहायता देने के मामले में राज्य सरकार की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर किसानों को 5 हजार रुपए देने के फैसले को ऐतिहासिक बता रही है, वहीं नमो किसान योजना की दो किस्तें लंबित हैं। उनके मुताबिक किसानों के खातों में 3,700 करोड़ रुपए जमा किए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर किसानों को अग्रिम सहायता देने की बात करती है, दूसरी ओर किसान सम्मान निधि की राशि रोक रही है। उन्होंने इसे किसानों के प्रति दोहरी नीति बताया।
गड़चिरोली को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
वडेट्टीवार ने दावा किया कि गड़चिरोली जिले के 10 तहसीलों को सूखाग्रस्त क्षेत्रों की सूची में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने पूरे जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को राहत देने की मांग की। उन्होंने कर्नाटक सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सरकार ने केंद्र की सहायता का इंतजार किए बिना अपने खजाने से किसानों को मदद दी। महाराष्ट्र सरकार को भी इसी तरह तुरंत सहायता देनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्यों के साथ भेदभाव करने का आरोप भी लगाया।
पशुधन योजना में गड़बड़ी का आरोप
वडेट्टीवार ने पशुधन योजना में 800 फर्जी मामले सामने आने का आरोप लगाते हुए इनकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने फसल बीमा, महंगाई और किसानों को पर्याप्त सूखा राहत नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि दिवाली से पहले किसानों को पर्याप्त मदद नहीं मिली तो राज्य सरकार के लिए पूरे महाराष्ट्र में घूमना मुश्किल हो जाएगा।

