Twisha Sharma case में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, आरोपियों के खिलाफ भोपाल कोर्ट में नहीं चलेगा ट्रायल, CBI को नोटिस जारी

Twisha Sharma case में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, आरोपियों के खिलाफ भोपाल कोर्ट में नहीं चलेगा ट्रायल, CBI को नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI), गिरबाला सिंह और समर्थ सिंह को नोटिस जारी किए। यह नोटिस पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा के पिता द्वारा दायर एक याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की मौत के मामले की कार्यवाही को भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की है। इस याचिका में मांग की गई है कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई शर्मा की मौत से जुड़े मामले की सुनवाई को भोपाल की ट्रायल कोर्ट से हटाकर राष्ट्रीय राजधानी (दिल्ली) में स्थानांतरित किया जाए। याचिका पर सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने CBI, गिरबाला सिंह और समर्थ सिंह से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर आगे विचार होने तक, भोपाल की ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर भी अंतरिम रोक लगा दी है।

इसे भी पढ़ें: Meerut Snake Bite Case: नीला ड्रम केस के बाद सांप कांड पर रविता को फांसी, प्रेमी अमरदीप संग फूट-फूटकर रोने लगी

त्विशा शर्मा मौत का मामला

पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विशा शर्मा, जिन्होंने पिछले साल दिसंबर में समर्थ सिंह से शादी की थी, 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में फंदे से लटकी पाई गईं। उनकी मौत की परिस्थितियों की जांच चल रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उनके पति और सास, गिरबाला सिंह के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए चार्जशीट दाखिल की है। FIR के अनुसार, समर्थ ने बताया कि रात करीब 10:20 बजे त्विशा ने घर पर फांसी लगा ली थी, जिसके बाद वह उन्हें AIIMS भोपाल ले गया।
अगस्त में दाखिल की गई 31 पन्नों की चार्जशीट और उसके साथ लगे विस्तृत दस्तावेजों में, CBI ने कहा है कि जांच के हिस्से के रूप में वे कई एजेंसियों से फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इसमें त्विशा के आईफोन (iPhone) से डेटा निकालना और उसका फोरेंसिक विश्लेषण करना भी शामिल है। जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि इसमें मामले से जुड़े अहम सबूत मिल सकते हैं, जिनमें उनके पति और सास से जुड़ी जानकारी के साथ-साथ अन्य गवाहों या संदिग्धों की पहचान भी हो सकती है। एजेंसी दिल्ली स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) की एक रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है। यह रिपोर्ट इस बात पर है कि आरोपी के घर से बरामद डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) सुरक्षित था या उसके साथ कोई छेड़छाड़ की गई थी। इसके अलावा, एजेंसी भोपाल स्थित CFSL से वॉयस कंपैरिजन (आवाज मिलान) रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है, ताकि आरोपी की आवाज के सैंपल का मिलान कई मोबाइल डिवाइस से मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग से किया जा सके।

इसे भी पढ़ें: CMRL Exalogic केस में ED ने पिनाराई विजयन को भेजा समन, 23 अक्टूबर को होगी पूछताछ

मृत्यु से पहले के संदेशों में सामने आई ट्विशा की परेशानी

खबरों के अनुसार, CBI को कुछ ऐसे संदेश मिले हैं, जिनमें ट्विशा ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले ससुराल वालों के साथ अपने रिश्तों को लेकर परेशानी जताई थी। अपनी मौत से पांच दिन पहले, उसने कथित तौर पर अपनी मां को संदेश भेजा था, जिसमें कहा गया था कि उसके ससुराल वाले उसे मानसिक रूप से अस्थिर साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। उसने अपने परिवार से गुहार लगाई थी कि वे ससुराल वालों से बिना किसी बहस के उसे चुपचाप वहां से ले जाएं। अपनी मौत से तीन दिन पहले, ट्विशा ने कथित तौर पर अपनी ननद, राशि अब्रोल को एक संदेश भेजा था। इसमें उसने अपनी मानसिक परेशानी का जिक्र करते हुए लिखा था कि वह घुटन महसूस कर रही है। संदेश में उसने लिखा कि वह इतनी परेशान है कि शायद वह अपनी जान लेने की हिम्मत जुटा ले, और यह भी कहा कि वह कहीं गायब होने का कोई रास्ता निकाल लेगी। ये संदेश उन सबूतों का हिस्सा हैं, जिनकी जांच इस मामले में जांचकर्ताओं द्वारा की जा रही है। अदालत के आदेश पर, AIIMS के एक मेडिकल बोर्ड ने ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम किया और अपनी अंतिम फॉरेंसिक राय एक सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *