Isha Koppikar On Gen Z: बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर (Isha Koppikar) अक्सर आंदोलन हो या विवाद अपनी राय खुलकर रखती नजर आती हैं। इस बार भी यही हुआ। उन्होंने इंटरव्यू के दौरान देश की युवा पीढ़ी यानी जेन जी (Generation Z) पर बेबाक बयान दिया है। ईशा ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में जहां युवा सोशल मीडिया और तमाम राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हैं उससे उन्हें बचना चाहिए और किसी के भी बहकावे में नहीं आना चाहिए। साथ ही अपनी बुद्धि का भी इस्तेमाल करना चाहिए। उनका यह बयान इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं।
ईशा कोप्पिकर ने युवाओं के लिए क्या कहा?
ईशा कोप्पिकर का जो वीडियो सामने आया है उसमें वह एयरपोर्ट पर नजर आ रही हैं। जहां उन्होंने मीडिया से बात की। इस दौरान ईशा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को यह समझने की जरूरत है कि उनके लिए क्या सही है और क्या गलत? उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वह भावनाओं में बहकर कोई भी ऐसा कदम न उठाएं जिसके लिए उन्हें भविष्य में पछताना पड़े।
ईशा कोप्पिकर ने अपनी बात रखते हुए कहा, “जेन जी के लिए यही कहूंगी मैं कि प्लीज अपने आप को मैनपुलेट मत होने दीजिए। पढ़ाई में ध्यान दीजिए। फैक्ट्स को समझिए और ये समझिए कि देश के प्रोग्रेस के लिए क्या सही है। किसी के इमोशंस और किसी के बहकावे में आके कुछ मत कीजिए। आपके मां-बाप ने बहुत सोच समझ के आपको एजुकेशन दी है। उस एजुकेशन का आप इस्तेमाल कीजिए।”
“देश के विकास में दें अपना योगदान”
ईशा का युवाओं को लेकर यह मानना है कि देश का युवा किसी भी राष्ट्र का सबसे मजबूत स्तंभ होता है, इसलिए यह बहुत जरूरी है कि युवा वर्ग अपनी एनर्जी का इस्तेमाल पॉजिटिव तरीके से करे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बच्चों के माता-पिता उन्हें पढ़ाने-लिखाने के लिए बहुत मेहनत करते हैं और उन्हें योग्य बनाते हैं, इसलिए युवाओं का यह कर्तव्य है कि वह उस शिक्षा का सही उपयोग करें।
ईशा ने आगे कहा कि युवाओं को किसी के बहकावे में आकर ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहिए जिससे देश की प्रगति या शांति में बाधा उत्पन्न हो। इसके बजाय, उन्हें देश की सफलता और विकास के लिए काम करना चाहिए ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपना अहम योगदान दे सकें। ईशा कोप्पिकर के इस संजीदा और जिम्मेदार बयान की सराहना उनके फैंस और कई अन्य लोग भी कर रहे हैं।
ईशा कोप्पिकर ने दिल्ली आंदोलन पर निकाली थी भड़ास
बता दें, इससे पहले भी ईशा कोप्पिकर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर CJP आंदोलन को लेकर बात की थी। उन्होंने कहा था कि पहले एक बार एजुकेशन सिस्टम को लेकर हुए प्रोटेस्ट के बाद एक मिनिस्टर ने रिजाइन कर दिया था। लेकिन एक बार ऐसा होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर बार ऐसा ही होगा। प्रेशर बनाकर किसी का इस्तीफा करवा लेना और किसी एक इंसिडेंट को बार-बार हथियार की तरह इस्तेमाल करना गलत है।”
ईशा ने इस बात पर जोर दिया था कि लोकतांत्रिक देश में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन उसके पीछे के उद्देश्यों, तथ्यों और उसके होने वाले परिणामों को समझना भी उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है। ईशा ने कहा था, “आपको इंफॉर्मेशन जानने का पूरा हक है। रिसर्च कीजिए, सवाल पूछिए और सिर्फ सोशल मीडिया या भावनाओं के आधार पर अपनी राय मत बनाइए। सिर्फ नारे लगाने से देशभक्ति साबित नहीं होती; देश की प्रगति, एकता और सुरक्षा को ध्यान में रखकर जिम्मेदारी से सोचना ही सच्ची देशभक्ति है।”

