कान्हा टाइगर रिजर्व में बारहसिंगा के संरक्षण के प्रयास सफल हो रहे हैं। इनकी आबादी अब 1100 से ज्यादा हो गई है, जिसमें हाल ही में जन्मे 51 नए शावक भी शामिल हैं। साल 1970 में इनकी संख्या सिर्फ 66 रह गई थी। वैज्ञानिक प्रबंधन से कान्हा हार्ड ग्राउंड बारहसिंगा के संरक्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। फील्ड डायरेक्टर रवींद्र मणि त्रिपाठी के अनुसार, बारहसिंगा को दूसरे संरक्षित क्षेत्रों में भेजने के प्रयास सफल हैं। सतपुड़ा में इनकी संख्या करीब 300 हो गई है, और बांधवगढ़ में यह लगभग 50 तक पहुंच गई है। बांधवगढ़ में और समूह भेजने की तैयारी है। नवजातों की विशेष निगरानी नवजात शावक शुरुआती दिनों में कमजोर होते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए वन विभाग की टीम निगरानी कर रही है। प्रजनन दिसंबर से फरवरी तक चलता है। कान्हा में बारहसिंगा की आबादी 1500 से ज्यादा करने का लक्ष्य है।

