नौकरी का झांसा देकर मलेशिया भेजे, दो युवक हिरासत में:शामली में टूरिस्ट वीजा पर काम करने का आरोप, एजेंटों की जांच की मांग

नौकरी का झांसा देकर मलेशिया भेजे, दो युवक हिरासत में:शामली में टूरिस्ट वीजा पर काम करने का आरोप, एजेंटों की जांच की मांग

शामली में झिंझाना कस्बे के दो युवकों को अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर मलेशिया भेजने का मामला सामने आया है। परिजनों के मुताबिक, मलेशिया पुलिस ने टूरिस्ट वीजा पर रहकर नौकरी करने के आरोप में आदिल और फरमान को हिरासत में लिया है। एक सप्ताह बीतने के बाद भी दोनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इससे परिवारों की चिंता बढ़ गई है। परिजनों ने विदेश भेजने वाले एजेंटों की जांच कर कार्रवाई करने और युवकों की सुरक्षित वापसी कराने की मांग की है। आदिल के पिता रफी के मुताबिक, बेटे को हिरासत में लिए जाने के बाद उनसे केवल एक बार फोन पर बात हो सकी थी। इसके बाद से संपर्क नहीं हुआ। परिजनों का आरोप है कि कस्बे और आसपास के क्षेत्र में सक्रिय एजेंट युवकों को मलेशिया में अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर डेढ़ से दो लाख रुपये तक लेते हैं। इसके बाद उन्हें टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेज दिया जाता है। वहां नौकरी करने के दौरान उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। परिजनों के अनुसार, पिछले सप्ताह मलेशिया पुलिस ने करीब 62 लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें झिंझाना के आदिल और फरमान भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, दोनों की मौजूदा स्थिति और हिरासत के स्थान के बारे में परिवारों को स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। अप्रैल में मलेशिया गया था आदिल आदिल के पिता रफी ने बताया कि उनका बेटा अप्रैल में मलेशिया गया था। उसने विदेश भेजने वाले एजेंट का नाम भी बताया था। रफी के अनुसार, उन्होंने एजेंट से बेटे के बारे में जानकारी मांगी तो उसने खुद को ट्रैवल एजेंसी संचालक बताते हुए कहा कि वह केवल टिकट बुक करता है। यात्री विदेश जाकर क्या करता है और कब लौटता है, इसकी जिम्मेदारी उसकी नहीं है। 30 से 40 युवकों को विदेश भेजने का दावा रफी का दावा है कि क्षेत्र के करीब 30 से 40 युवकों को अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर विदेश भेजा गया है। परिजनों का कहना है कि एजेंट नौकरी और बेहतर वेतन का लालच देकर युवकों से मोटी रकम लेते हैं, लेकिन विदेश पहुंचने के बाद उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। परिजनों ने संबंधित अधिकारियों से एजेंटों की पहचान कर उनके कामकाज की जांच कराने की मांग की है। साथ ही मलेशिया में हिरासत में लिए गए आदिल और फरमान की स्थिति का पता लगाने और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि मामले की जांच से विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे अन्य युवकों को भी संभावित धोखाधड़ी से बचाया जा सकेगा।

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