सामान के फर्जी बिल बनाकर सवा दो करोड़ रुपए हड़पने के आरोप में राजस्थान सरकार ने डॉ. रघुनन्दन विश्नोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्मिक विभाग ने उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। आदेश के अनुसार, डॉ. विश्नोई पर अपने जूनियर के सिग्नेचर का इस्तेमाल कर बिल पास करवाने और करीब सवा दो करोड़ रुपए हड़पने का आरोप है। इस मामले में विभागीय जांच चल रही है। निलंबन का आदेश राजस्थान सिविल सेवा नियम, 1958 के नियम 13(1) के तहत जारी किया गया है। निलंबन के दौरान जयपुर में रहना होगा निलंबन अवधि में डॉ. विश्नोई का मुख्यालय जयपुर स्थित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक कार्यालय रहेगा। उन्हें मुख्यालय छोड़ने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। साथ ही रोज उपस्थिति पंजिका में हाजिरी दर्ज करनी होगी। इस दौरान उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। आरोप पत्र तैयार करने के निर्देश कार्मिक विभाग ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को निलंबन आदेश की तामील करवाकर इसकी रसीद भेजने को कहा है। साथ ही डॉ. विश्नोई के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए आरोप पत्र तैयार कर भेजने के निर्देश दिए हैं।

